मंदसौर गुराडिया देदा में पुजारी को हटाया तो धरने पर बैठा परिवार, सीएम से बोले: मामा हमें जहर दे दो

 गुराडिया देदा में पुजारी को हटाया तो धरने पर बैठा परिवार 2022



मंदसौर जिले के कृषि उपज मंडी मंदसौर के निकट स्थित गांव गुराडिया देदा में राम जानकी मंदिर के पुजारी को कुछ दिनों पहले कलेक्टर द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार हटा दिया गया था। पिछले कई सालों से गुराडिया देदा में स्थित मंदिर के लिए विवाद भी चल रहा था और जब कलेक्टर द्वारा आदेश दिया गया तो यह पुजारी के परिवार को मंजूर नहीं था। इसके बाद गोराडीह दादा मंदिर के पुजारी का पूरा परिवार कलेक्टर द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ आवाज उठाने के लिए गांधी चौराहे पर धरना देने बैठ गया। दरअसल मामला यह है कि गुराडिया देदा का बैरागी परिवार पूर्वजों से राम जानकी मंदिर की पूजा करता आ रहा है। कुछ दिनों पहले गांव के डोरिया परिवार द्वारा मंदिर पर अपना नाम दे दिया गया। जब पुजारी ने इसका विरोध किया और मामला तहसीलदार तक गया तो तहसीलदार ने मामला जल्दी निपटाने के लिए बिना जांच किए फैसला ले लिया। गुराडिया देदा मंदिर पुजारी के परिवार ने इसका विरोध किया तो मामला एसडीएम के पास गया लेकिन फिर भी मामले पर ध्यान नहीं दिया गया। 

राजनीतिक दबाव में आकर प्रशासन फैसले ले रहा है 

आंकड़ों में बताया गया है कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में आकर गुराडिया देदा मंदिर के फैसले ले रहा है और प्रशासन जल्दबाजी में फैसले लेकर गरीब परिवार के पुजारी को भूखा मारने की कोशिश कर रहा है। गुराडिया देदा राम जानकी मंदिर के पुजारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 60 सालों से उनके पूर्वजों द्वारा मंदिर की पूजा की जा रही है। मंदिर पुजारी सुंदर दास बैरागी के बेटे टीकम दास बैरागी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिताजी पिछले 60 सालों से गुराडिया देदा में स्थित राम जानकी मंदिर की पूजा अर्चना करते आ रहे हैं लेकिन कुछ दिनों पहले मंदिर की सियासत पर डोरीया परिवार का नाम लिख दिया गया। जब पूजा जी के परिवार द्वारा मामला तहसीलदार को बताया गया तो उन्होंने सही फैसला नहीं लिया लेकिन पुजारी का परिवार संघर्ष करता हुआ एसडीएम के पास पहुंचा। एसडीएम पर मामला पहुंचते ही एसडीएम ने पुजारी को न्याय दिया और कहा कि पुजारी कई वर्षों से मंदिर की रक्षा करते हुए आ रहे हैं इसलिए अब भी पुजारी ही मंदिर को संभालेंगे और कार्यवाही करते हुए मंदिर से डोरिया परिवार का नाम हटा दिया। 

पूजारी का परिवार बोला: मामा हमें जहर दे दो 

जब एसडीएम ने कार्यवाही करते हुए गुराडिया देदा मंदिर से डोरिया परिवार का नाम हटा दिया तो मामला कलेक्टर पर पहुंचा लेकिन कलेक्टर ने मामले को नजरअंदाज करते हुए पुजारी को वहां से हटाने का आदेश दे दिया। इसी का विरोध करने के लिए पुजारी का परिवार दोपहर के समय मंदसौर गांधी चौराहे पर धरना प्रदर्शन करने लगा और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार करने लगा। परिवार ने मीडिया के सामने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से न्याय की गुहार मांगते हुए कहा कि अगर आप हमें न्याय नहीं दिला पा रहे हो तो हमें जहर दे दो। पुजारी टीकम दास बैरागी का परिवार गुराडिया देदा मंदिर की जमीन पर खेती करके अपना परिवार का पालन पोषण कर रहा है। इसके अलावा पुजारी के पास गुराडिया देदा में कमाई करने का अन्य संसाधन मौजूद नहीं है। ऐसे में पुजारी को न्याय नहीं मिला तो वह धरना देते हुए मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन सोपने मंदसौर गांधी चौराहे पर पहुंच गए। 

मामले की सच्चाई क्या है

मंदसौर जिले के गांव गुराडिया देदा में स्थित राम जानकी मंदिर सरकारी है। पहले के समय में पुजारी नहीं होने के कारण टीकम दास बैरागी का परिवार मंदिर की पूजा करने लगा। पिछले कई वर्षों से इन्हीं का परिवार गुराडिया देदा मंदिर की पूजा करता रहा है लेकिन कुछ दिनों पहले डोरिया परिवार ने मंदिर पर अपना नामकरण कर दिया। इसी के आपत्ति जताने के लिए पुजारी का परिवार धरने पर बैठ गया। देवरिया परिवार का कहना है कि पूजा जी धीरे-धीरे मंदिर की जमीन को अपने नाम पर कर लेगा। फिलहाल प्रशासन दोबारा मामले की जांच कर रहा है और अबकी बार सोच समझ कर फैसला लिया जाएगा। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Popular Posts

मध्यप्रदेश न्यूज़: गुराडिया देदा में हुई रहस्यमय मौत, 2 फिट पानी के टैंक में गिरकर हुई उत्तरप्रदेश के 19 साल के युवक की मौत
मध्यप्रदेश न्यूज़: मंदसौर में एक साथ तीन लड़कियां तालाब में डूबी, मरने वाली में दो सगी बहनों और एक अन्य लड़की शामिल है
मध्यप्रदेश न्यूज़: बलि देने तलवार निकाली, सामने बैठे व्यक्ति को लगी; मौत, मन्नत पूरी होने पर आगर मालवा से आया था परिवार
मध्यप्रदेश न्यूज़: मंदसौर में गैस सिलेंडर हुआ ब्लास्ट, पूरा घर जलकर हुआ राख, 1 लाख 20 हजार रुपए की नकदी भी जली
मध्यप्रदेश न्यूज़: मंदसौर में साइंस की छात्रा ने की आत्महत्या, Physics में सप्लीमेंट्री आने के बाद छात्रा डिप्रेशन में थी