कोरोना की नई गाइडलाइन: शादी में 250 से अधिक मेहमान नहीं बुला पाएंगे, शव यात्रा में 50 से अधिक नहीं आ सकेंगे

 मध्यप्रदेश में शुरू होने वाली है कोरोना की तीसरी लहर 2022



मध्यप्रदेश में कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कोरोना की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें यह निर्णय लिया गया है कि अब से शादी में सिर्फ 250 मेहमानों को ही बुला सकते हैं। अगर गाइडलाइन को तोड़ा गया तो उचित कार्यवाही की जाएगी। किसी की मौत होने पर शव यात्रा में 50 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। प्रदेश में सभी स्थानों पर लगने वाले बड़े मेलों पर रोक लगाई जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बढ़ते हुए मामलों को मद्देनजर रखते हुए कोरोना की समीक्षा बैठक बुलाई थी और उसमें यह फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने में सभी जिलों के कलेक्टरों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 4 बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के कलेक्टरों को अलर्ट करने को कहा।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 7 दिन क्वॉरेंटाइन किया जाएगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कोरोना की गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि अब प्रदेश में पॉजिटिव पाए गए मरीज को 7 दिन तक क्वारंटाइन किया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर का पिक 30 जनवरी तक रहेगा। वैज्ञानिकों के आंकड़े बता रहे हैं कि 25 जनवरी के बाद रोजाना प्रदेश में 20000 तक कोरोना के मरीज आ सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि तीसरी लाइन में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या दूसरी लहर के मुकाबले दोगुना रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोयला के केस प्रदेश में अब बढ़ेंगे लेकिन प्रदेश की जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। शिवराज सिंह की बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद थे। सीएम ने कहा है कि प्रदेश की जनता को बिना घबराए कोरोना से लड़ाई करना है और सतर्क रहना है। 

बैठक में स्कूलों पर क्या फैसला लिया गया है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में स्कूलों पर फैसला लिया है कि प्रदेश के स्कूलों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है बस स्कूलों को पूर्ण रूप से नहीं खोला जाएगा बल्कि 50% क्षमता से चलते रहेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि स्कूलों को चलाने के लिए बच्चों के पेरेंट्स की परमिशन जरूरी होगी और एक बच्चे को सप्ताह में 3 दिन ही स्कूल बुलाया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से कक्षाएं चलानी पड़ेगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश की स्थिति यह हो गई है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 600 केस सामने आ चुके हैं। प्रदेश की संक्रमण दर बढ़कर 1% हो गई है। जबलपुर में भर्ती मरीजों में से दो की मौत हो चुकी है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि मौत होने वाले मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव थी।

किन जिलों में कोरोना अधिक घातक साबित हो रहा है

प्रदेश के 4 बड़े मुख्य शहरों इंदौर ,भोपाल ,जबलपुर और ग्वालियर में कोरोना के सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। यहां पर प्रशासन ने पूरी तरीके से शक्ति दिखाई है। जबलपुर में 23 मरीज सामने आए हैं जबकि इंदौर में 15 दिनों में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्वालियर जिले में 65 लोग संक्रमित सामने आए हैं, होशंगाबाद में 3 मरीज, सागर में 6 मरीज और उज्जैन में 22 मरीज संक्रमित सामने आए हैं। रतलाम में दो और खंडवा में 7 मरीज सामने आए हैं। भोपाल में और इंदौर में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए फैसला लिया है कि अब बिना मास्क के शहर में घूमने वालों पर ₹200 का जुर्माना लगेगा। शादियों में सिर्फ ढाई सौ लोग ही आ सकते हैं जबकि शव यात्रा में सिर्फ 50 लोगों को मंजूरी मिलेगी। प्रदेश में होने वाले सभी बड़े मेलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। धरना प्रदर्शन पर अब राज्य सरकार को फैसला लेना पड़ेगा।

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