OBC आरक्षण पर सीएम शिवराज का बड़ा बयान, बताया कहां लागू कहां नहीं

 

OBC आरक्षण पर सीएम शिवराज का बड़ा बयान, बताया कहां लागू कहां नहीं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उनकी सरकार ओबीसी पक्ष में शुरू से रही है







मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण पर अभी चालू है, विधानसभा के शीतकालीन में यह मुद्दा छाया हुआ है। ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ करने के पक्ष में है। इसको लेकर मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएगी। वही ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में दिया बड़ा बयान।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया ओबीसी आरक्षण पर बड़ा बयान

सदन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मैं इस सदन का नेता होने के नाते पिछड़ा वर्ग या किसी भी वर्ग के गरीब भाई बहनों को आश्वस्त करता हूं कि उनके हित की रक्षा के लिए हम प्रतिबंध रहेंगे और ओबीसी आरक्षण के साथ ही पंचायत के चुनाव हो, इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगेअगर कोई हमारा साथ देगा तो उसके साथ और कोई अगर साथ नहीं देगा तो उसके बिना और कोई विरोध करेगा तो उसके बाबजूद हमारा ओबीसी को, ओबीसी के हितों के संरक्षण और आरक्षण का यह अभियान जारी रहेगा"।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि

## हमारी भाजपा सरकार की सदैव यह रणनीति रही है कि सामाजिक समस्यात, सामाजिक न्याय के साथ हर समाज को साथ में लेकर आगे बढ़ते जाना

इसलिए चाहे मामला ओबीसी, अनुसूचित जाति जनजाति का हो या सामान्य वर्ग के कल्याण का हो, 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया, तो भाजपा ने दिया।##

https://twitter.com/i/status/1473273172627636225

##ओबीसी के हितों पर किसी पर प्रकार का कुठाराघात न हो इसलिए केवल उन प्रकरणों में जिसमें न्यायालय ने स्थगन दिया है, उन्हें छोड़कर बाकी में 27% आरक्षण देने का हमारी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है।##

https://twitter.com/i/status/1473273356979896321

ओबीसी आरक्षण कहां-कहां लागू किया गया

मुख्यमंत्री शिवराज जी चौहान ने वहीं विपक्ष के सवालों पर कहा कि अब आपने कहा है" हमने क्या किया तो वह भी बता देता हूं" ओबीसी के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया कि, केवल उन प्रकरणों में ओबीसी आरक्षण जिनमे न्यायालय ने स्थगन दिया है, उनमें 14 प्रतिशत रहेगा, लेकिन जिनमे स्थगन नहीं दिया उनमें 27 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला हमने किया और उसके उदाहरण भी मैं आपको बताना चाहता हूं।राज्य सरकार दिसंबर 2021 से 2022 में भी 23000 से अधिक पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित करने जा रही है, उनमें  भी 27 प्रतिशथ आरक्षण का लाभ मिलेगा।


कांग्रेस को साधा निशाना

ब्रैकेट नहीं कराया गया?, क्यों आप हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में नहीं गए?. चुनाव निकल गया, परिणाम भी सामने आ गए, आप चुपचाप बैठे रहे. 8 मार्च से लेकर 18 मार्च तक आप की सरकार हाथ में हाथ रखकर बैठे थी. न केविएट दायर की, न वकीलों के निर्णय के पक्ष में वकीलों ने न न्यायालय में उतर के कोई अपील की. उसका खामियाजा पिछड़े वर्ग को भुगतना पड़ा. 27 प्रतिश आरक्षण के माध्यम से, आपके शासनकाल में एक भी नौकरी मिली हो तो वह बता दो. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इससे पहले आज कहा था कि सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ ही पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में है, इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी.''

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