ओबीसी आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं, सरकार ने वापस लिया अध्यादेश

ओबीसी आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं, सरकार ने वापस लिया अध्यादेश



Madhya pradesh panchayat chunav: मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना नहीं होंगे। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश को वापस लेने का निर्णय लिया गया।इसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति मिलने के बाद विधि एवं विधायी विभाग ने देर रात तत्काल प्रभाव से वापस लेने की अधिसूचना जारी कर दी। फिलहाल यह माना जाए कि मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव नहीं होंगे। इसके संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग सोमवार को विधि विशेषज्ञ से चर्चा करके निर्णय लेंगे।  

कैबिनेट द्वारा अध्यादेश वापस लेने के बाद क्या होगा।

कैबिनेट द्वारा अध्यादेश वापस लेने के बाद अब 2019 की स्थिति लागू हो जाएगी यानी जो मौजूदा चुनाव प्रक्रिया हैवो विधि मान्य नहीं होगी। इसको नजर में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव स्थगित करने पड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश द्वारा ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को प्रक्रिया करनी पड़ेगी।इसके लिए पहले पिछड़ा वर्ग की गणना होगी और उसके आधार पर आरक्षण का निर्धारण होगा।


राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण को रुकवाने का काम किया है। हमारा मानना है कि जिस अध्यादेश के प्रविध्ाान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया संचालित हो रही थी, उसके वापस होने के बाद आयोग के पास चुनाव स्थगित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

विधि विशेषज्ञों से परामर्श करके लेंगे निर्णय : बीएस जामोद

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना जारी होने के बाद कहा कि सोमवार को इस संबंध में विधि विशेषज्ञों से परामर्श करके आगामी निर्णय लिया जाएगा।


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