सड़क पर खड़े खड़े पुलिस आपकी अपराधिक कुंडली निकाल लेगी, चौराहों पर ड्रोन निगरानी, पुलिस सड़क पर करेगी बायोमेट्रिक जांच


पुलिस सड़क पर खड़ी खड़ी निकाल लेगी आपकी अपराधिक कुंडली 2021




धीरे-धीरे प्रदेश की पुलिस हाईटेक होती जा रही है। इंदौर पुलिस कमिश्नर प्रणाली में अपराध पर नो टॉलरेंस की नीति पर काम करने के बाद अब चेकिंग में आधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल की तैयारी है। चौराहे पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी ताकि कोई भागने का प्रयास करें तो उसकी तत्काल घेराबंदी की जाए। यह सिर्फ सोच नहीं है बल्कि इसकी शुरुआत असल में हो चुकी है। इसके अलावा अब पुलिस सड़कों पर वाहन चेकिंग के साथ-साथ बायोमेट्रिक जांच भी करेगी। इससे सिर्फ 1 फिंगर प्रिंट लेने पर व्यक्ति की पूरी अपराधिक कुंडली सामने आ जाएगी। प्रदेश में सभी अपराधियों का डिजिटल डाटा तैयार किया जा चुका है। विशेष उपकरण से चेकिंग के दौरान बिना नंबर की गाड़ी अथवा संदेहास्पद स्थिति में नजर आने वालों की फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक जांच की जाएगी।




कोई अपराधी होगा तो कुछ सेकंड में कुंडली पुलिस के सामने आ जाएगी




बायोमेट्रिक जांच से पुलिस को यह फायदा होगा कि अगर कोई व्यक्ति अपराधी होगा तो कुछ पलों में उसकी पूरी कुंडली पुलिस के सामने खुल जाएगी। प्रदेश में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में कैमरे की मदद भी ली जाएगी। इंदौर कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के मुताबिक अगले कुछ दिनों में पुलिस का सिस्टम बदल जाएगा। अपराधियों की तुरंत पहचान करने के साथ ही आम लोगों को राहत दिलाने का काम किया जाएगा। अब चौराहों पर लगे हुए कैमरे ही अपराधियों को खोज निकालेंगे। पुलिस अब नए और आधुनिक कदम उठाने जा रही है जिसमें चौराहे पर लगाए गए कैमरे फरार बदमाशों को पकड़ने में मदद करेंगे। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में जो भी आरोपी फरार चल रहा है उसका फोटो सिस्टम पर डाला जाएगा और अगर वह आरोपी किसी भी चौराहे से निकलता है तो कैमरे उसकी पहचान कर लेंगे और पुलिस पर संदेश पहुंचा देंगे। इसके बाद घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।




ट्रैफिक सुधारने के लिए किया जाएगा एआई का उपयोग




इंदौर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के मुताबिक ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए अब सिग्नल सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में पुलिस को काफी मदद मिलेगी। इस विषय पर कुछ समय पहले भी चर्चा की गई थी लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सिग्नल लगाने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस कमिश्नर मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन शहरों के ट्रैफिक सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हो रहा है, वहां से उसका अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद इसे यहां पर लागू किया जाएगा। इससे सिग्नल व्यवस्था सही हो जाएगी और वाहनों को ज्यादा समय तक लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा ‌

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