मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बिना चुनाव के चुना गए पंच और सरपंच। सरकार देगी इन्हें 5 लाख का इनाम।

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बिना चुनाव के चुना गए पंच और सरपंच। सरकार देगी इन्हें 5 लाख का इनाम।



एमपी के बैतूल जिले की देवपुर कोटमी पंचायत ने मिसाल पेश की है. यहां सभी ने बिना लड़ाई-झगड़े के सरपंच और पंच चुन लिए.


मध्यप्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य में घमासान मचा हुआ है लेकिन मध्यप्रदेश के बैतूल जिले ने एक बे मिसाल पेश की।यहा चुनाव का न शोर सुनाई दिया और नही लड़ाई झगड़ा हुआ। यह लोगो ने आपसी सहमती से पंच ओर सरपंच का चुनाव कर लिया।ये अनोखा चुनाव हुआ जिले के चिचोली विकासखण्ड के ग्राम देवपुरकोटमी में. लोगों का कहना है कि कोरोना ने उन्हें सिखा दिया कि जब मरना ही है तो लड़ना क्यों,इसलिए लोगो ने आपसी सहमती से पंच और सरपंच का चुनाव किया। 

मध्यप्रदेश:मप्र के बैतूल जिले में लोगो ने आपसी सहमती से पंच और सरपंच का चयन किया।चिचोली विकासखण्ड के ग्राम देवपुर कोटमी में न तो पंचायत चुनाव का शोरगुल है, न किसी के चुनाव जीतने-हारने की कोई फिक्र।यह इसलिए किया क्योंकि यहा के लोगो ने गांव के हित के लिए आपस मे सलाह मशविरे से बिना मतदान के पंचायत के पदाधिकारियों का चयन कर लिया। सरकार ने गांव वालों का यह फैसला सुनकर उन्हें 5 लाख का इनाम देने का फैसला किया।


शिक्षा बनी योग्यता का आधार

अब गांव वालों के सामने यह सवाल था कि कैसे और क्यों प्रतिनिधि बनाई जाए? यह सोचते हुए  गांव वालों ने इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षा के योग्यता को आधार बनाया। अधिवासी महिला को  पद पर 10वीं कक्षा तक पढ़ी महिला निर्मला को चुनने का फैसला किया गया। पंचों के लिए कम से कम 8वीं कक्षा तक पढ़ा होना जरूरी माना गया है।

सरकार के द्वारा मिला 5 लाख का इनाम

गांव वालों के इस फैसले पर सरकार इन्हें 5 लाख तक का पुरुस्कार मिलेगा।ग्रामीणों ने तय किया कि सरकार द्वारा मिली राशि गांव के विकास के लिए खर्च होगी।बहरहाल ग्राम देवपुर कोटमी की चर्चा बैतूल सहित पूरे प्रदेश में हो रही है।कई लोग चाहते है कि दूसरे गांव वाले भी इससे प्रेणा ले।हालांकि ग्रामीणों के इस फैसले पर मुहर लगने के लिए लम्बा इंजतार करना होगा, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया और परिणाम घोषित होने में लंबा समय बाकी है।

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