मध्यप्रदेश के वैज्ञानिको ने तैयार की 15 तरह की जैविक खाद, जवाहर फर्टिलाइजर रखा गया नाम

 


 देश में बढ़ती बीमारियों के चलते किसानों की कई हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो रही है जैसे अभी रबी सीजन के प्याज में लगी बीमारी जिससे किसानों को जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं जैविक खाद के इस्तेमाल से भूमि की उपजाऊ क्षमता बनी रहती है और लागत भी कम आती है जिससे किसानों को बचत होगी और फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसान रासायनिक खाद पर निर्भर कम रहेगे जैविक खाद की विशेषता के कारण केंद्र सरकार  और राज्य सरकारें भी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन कर रही है इसी बीच एक अच्छी खबर देश के मध्य प्रदेश राज्य से आई है कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक खास तरह की जैविक खाद तैयार की है जो फसल उत्पादक के मामले में सबसे अच्छी खात मानी जा रही है इसके बारे में और जानते हैं विस्तार से मध्य प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने 15 तरह की जैविक खाद तैयार की है जिसका नाम जवाहर फ़र्टिलाइज़र रखा गया है जो अपनी विशेषता और फसलों के अधिक उत्पादन के लिए अच्छी होगी


जवाहर फर्टिलाइजर खाद के प्रकार

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मिली जानकारी से यह जैविक खाद दो प्रकार से तैयार किया गया है एक तो लिक्विड रूप में दूसरा पाउडर के रूप में किसान भाई अपनी अपनी पसंद के अनुसार इस खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं


इस जैविक खाद की विशेषता

इससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और उसकी गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा

फसल में औषधीय गुण बढ़ेगा

भूमि में सुधार होगा जिससे उत्पादन अधिक मिलेगा

इसके अलावा इन सभी जैविक खादों में हवा से नाइट्रोजन को अवशोषित करने के साथ पोटाश बीज उपचारित जस्ता, फास्फोरस, गेहूं और धान मैं बायोडीजल करने की क्षमता है


जैविक खाद के फायदे

फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी

भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि होगी

इस खाद के इस्तेमाल से अच्छी व पोषक तत्व से भरपूर फसल ली जाएगी

रासायनिक खाद पर किसानों की निर्भरता कम होगी

इसके इस्तेमाल से सिंचाई की भी कम आवश्यकता पड़ती है या फिर लंबे लंबे समय में सिंचाई कर सकते हैं

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