मंदसौर जिले में दूसरे डोज के प्रति लोगों में नहीं दिख रही दिलचस्पी, लोग दिखा रहे लापरवाही

 मंदसौर जिले में दूसरी वैक्सीन के लिए लोग दिखा रहे लापरवाही 2021



मंदसौर जिले में टीकाकरण अभियान पहले रोज को लेकर जितना सफल रहा उतना दूसरे डोज में नहीं लग रहा है। जिले के लोगों ने पहली वैक्सीन लगाने में जितनी दिलचस्पी दिखाई उतनी दिलचस्पी दूसरी व्यक्ति लगवाने में नहीं बता रहे हैं। जिले में बीते गुरुवार को वैक्सीनेशन महा अभियान चलाया गया जिसमें प्रशासन ने लोगों को सेकंड डोज लगाने के 50000 वैक्सीन लगाने के लिए बड़ा लक्ष्य रखा था लेकिन लोगों ने इसमें दिलचस्पी नहीं बताई और दिन भर में सिर्फ 15000 वैक्सीन ही लग पाई। इनमें से लगभग 600 लोग प्रथम वैक्सीन वाले थे और 14000 से ऊपर लोग दूसरी वैक्सीन वाले थे।



महा अभियान चलाने से पहले अब प्रशासन ने क्राइसिस मैनेजमेंट के साथ बैठक भी की



मंदसौर जिले में वैक्सीन के लिए महा अभियान चलाने से पहले प्रशासन ने क्राइसिस मैनेजमेंट के साथ बैठक भी की थी और लोगों को दूसरा डोज लगाने के लिए जागरूक करने की रणनीति भी बनाई थी। प्रशासन ने तीसरी लहर को रोकने के लिए तेजी से सेकंड डोज लगाने का लक्ष्य रखा था लेकिन लोगों ने इस में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं बताई। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 185 कॉविड सेंटरों पर 50,000 से अधिक डोज पहुंचाए थे। पूरे मंदसौर जिले में 10 लाख 24 हजार वयस्क आबादी है। इनमें से सात लाख लोगों ने कोरोना का प्रथम डोज लगवा लिया है जबकि सिर्फ 3 लाख 9 हजार लोगों ने ही वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया है। जिले के सिर्फ 36% लोगों ने ही वैक्सीनेशन में अपनी रूचि बताई है।



किसानों की सिंचाई का समय शुरू हो गया इसलिए वैक्सीन में रूचि नहीं दिखा रहे हैं



कलेक्टर गौतम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदसौर जिला किसानों का जिला है और अभी सिंचाई की सीजन चलने के कारण किसी को भी समय नहीं मिल पा रहा है और इसीलिए किसान वैक्सीन लगाने में कम रुचि बता रहे हैं। शहर में रहने वाले व्यवसाई के लोग भी अपने व्यवसाय की तरफ ध्यान दे रहे हैं क्योंकि पिछले 2 सालों से उनका व्यवसाय बंद पड़ा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में आदेश दिए गए हैं कि बच्चों से उनके अभिभावकों के सर्टिफिकेट मांगे जाए। इसके अलावा भी घर-घर सर्वे कर जानकारी इकट्ठी की जा रही है।


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