मंदसौर की रहने वाली एशिया की पहली महिला ट्रक चालक का निधन, राष्ट्रपति कर चुके थे सम्मानित


एशिया की पहली महिला ट्रक ड्राइवर का निधन 2021



मंदसौर की रहने वाली एशिया की पहली ट्रक ड्राइवर पार्वती आर्य का निधन हो गया। पार्वती आज के जज्बे को देख राष्ट्रपति भी इन्हें सम्मानित कर चुके थे। बताया जा रहा है कि पार्वती आर्य पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रही थी। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और इसी दौरान शाम को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और 75 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। इनका परिवार बहुत बड़ा था और यह सब 11 भाई-बहन थे जिनमें से पार्वती आर्य सबसे बड़ी थी। इनमें से पार्वती आर्य के तीन भाई थे और सात बहने थी। सभी की परवरिश के लिए पार्वती आर्य ने ट्रक चलाना सीख लिया था।



पार्वती आर्य के पिता मंदसौर में ठेकेदार थे



पार्वती आर्य के पिता मंदसौर मे ठेकेदार थे। आदि जवानी में उनकी मृत्यु हो गई थी और उसके बाद अपने भाई-बहनों को संभालने की जिम्मेदारी पार्वती आर्य पर आ गई थी। इतनी बहनों और भाइयों का खर्चा निकालना और घर का खर्चा चलाना भारी पड़ गया था। पार्वती आर्य के घर में आर्थिक तंगी के हालात बन गए थे। इसी से उबरने के लिए पार्वती आर्यन ट्रक चलाने का मन बना लिया था। उस समय ट्रक चलाने से मुश्किल महिलाओं के लाइसेंस के लिए आरटीओ ऑफिस के अधिकारियों को समझाना था। उसके बाद पार्वती आर्य ने अधिकारियों को कहा था कि अगर इंदिरा गांधी देश चला सकती है तो मैं ट्रक क्यों नहीं चला सकती। इसके बाद अधिकारियों ने पार्वती आर्य को लाइसेंस दे दिया था।



एशिया की पहली ट्रक चालक बनकर अपना नाम किया रोशन



लाइसेंस मिलने के बाद पार्वती आर्य ने ट्रक चलाना सिखा और एशिया की पहली महिला ट्रक ड्राइवर बन गई। उस समय महिलाओं में सबसे अलग कार्य करने से पार्वती आर्य सभी अधिकारियों की नजर में आ गई। इसके बाद पार्वती आर्य राजनीति से भी जुड़ गई। पार्वती आर्य संगठन के कई पदों पर रही। वर्ष 1990 में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट से चुनाव हार गई थी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष भी रही। पार्वती आर्य ने अपना नाम एशिया की पहली महिला ट्रक ड्राइवर के रूप में दर्ज करवाया। उसके लिए तत्कालीन राष्ट्रपति ने उन्हें पुरस्कार भी दिया। उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास स्थल से 11 बजे निकाली गई।

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