पशुपतिनाथ मेला मंदसौर: झिलमिलाती रोशनी और गुलाबी ठंड के बीच जमने लगी कार्तिक मेले की रंगत

 

मंदसौर पशुपतिनाथ मेले में दिखी रौनक 2021




मंदसौर पशुपतिनाथ मेला अब पूरी तरीके से झिलमिल आता नजर आ रहा है। इस बार नगर पालिका द्वारा मेला देर से लगाया गया है क्योंकि भोपाल से पशुपतिनाथ मेला लगाने के लिए देर से आई थी। शुरुआती दिनों में कृषि दुकानें और झूले चकरी नहीं लगे थे लेकिन अब मेला पूरी तरह से जगमगाने लगा है। पशुपतिनाथ मंदिर के समीप लगाए गए मेले में अब जाकर रंगत दिख रही है।कोरोना के प्रतिबंध हटने के बाद अब मेले में रोनक बढ़ने लगी है। दिन के समय ग्रामीण और रात के समय शहरी लोग बड़ी मात्रा में मेले में पहुंच रहे हैं और कार्तिक मेले का आनंद ले रहे हैं। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले चकरी तो मेले का बाजार और खानपान की दुकानें भी आकर्षित कर रही है।




मेले में पहले से कम लगी है दुकाने




कार्तिक मेले के चलते भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए बड़ी मात्रा में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कोरोना की गाइड लाइन के कारण असमंजस में लोगों ने पिछले वर्ष के मुताबिक इस बार कम दुकानें लगाई है। नगर पालिका द्वारा इसके बाद कुछ प्रतिबंध हटा दिए गए तो मेले में लोगों ने दुकानों की संख्या भी बढ़ा दी और भीड़ मेले की रंगत भी बढ़ा रहीं हैं। नगर पालिका द्वारा मेले के लिए जो जगह आवंटित की गई थी उसके अलावा भी लोगों ने सड़क के किनारे ठेले लगा रखे हैं। हालांकि शुरुआती दिनों में इस बार मेले में रौनक नहीं दिख रही थी लेकिन अब धीरे-धीरे बच्चों की मौज-मस्ती के लिए युवा लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है।




इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे




नगर पालिका द्वारा इस बार कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी गई है। मंदसौर पशुपतिनाथ कार्तिक मेला लगने से दो हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। जानकारी में पता चला है कि मेला लगने से 20 से 25 लाख का कारोबार भी हो रहा है। मेले की रंगत जमने से कई लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। मेले में 200 से अधिक दुकानें लगी है तो 100 से अधिक अस्थाई दुकानें भी लगी है।झूले चकरी और दुकानों से अधिक कारोबार हो रहा है।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ