मंदसौर पशुपतिनाथ मेला 20 नवंबर को शुरू हुआ और 28 नवंबर को हो जाएगा खत्म, व्यापारियों में असंतोष

 


20 नवंबर को शुरू हुआ और 28 नवंबर को खत्म हो जाएगा मेला 2021



इस बार भगवान पशुपतिनाथ महादेव का कार्तिक मेला 15 दिवसीय लगाया गया। नगरपालिका ने सिर्फ औपचारिकता के लिए 14 नवंबर को ही मेले का शुभारंभ कर दिया था। नगरपालिका ने उसी दिन से दिन गिनना शुरू कर दिए थे। नगरपालिका के अनुसार मंदसौर पशुपतिनाथ मेला 28 नवंबर को खत्म हो जाएगा जबकि मेले की पूरी रोनक के साथ शुरुआत 21 नवंबर से हुई थी। इससे पहले तो सिर्फ औपचारिकता के लिए मेला शुरू कर दिया गया था। इतना जल्दी मेला खत्म करने पर व्यापारियों में आक्रोश दिख रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अभी तो मिला सही से शुरू भी नहीं हुआ था और नगरपालिका में आखिरी तारीख बता दी है। व्यापारियों का अभी तो सही प्रकार से व्यापार भी नहीं हुआ है।



मेला लगे हुए सिर्फ 6 दिन हुए और 15 दिवसीय अवधि समाप्त होने आ गई




व्यापारियों ने कहा है कि नगरपालिका के ढीले रहने की वजह से झूले चकरी वाले व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। नगर पालिका ने पहले ही देरी से मंजूरी दी थी और उसके बाद दो-तीन दिन झूले चकरी लगाने में लग गए और अभी तो व्यवसाय शुरू ही नहीं हुआ और नगर पालिका ने 28 नवंबर को मेला बंद करने की बात भी कह दी। व्यापारियों ने कहा है कि 18 नवंबर तक तो मेला तैयार भी नहीं हो पाया था। व्यापारियों ने बड़ी मशक्कत के साथ मेला 20 नवंबर तक तैयार किया था और उनकी ग्राहकी शुरू हुई थी। इस हिसाब से देखा जाए तो मेला लगे हुए अभी 6 दिन ही हुए हैं और 15 दिन की अवधि समाप्त होने वाली है। इससे व्यापारियों में असंतोष है।




अभी तो झूले चकरी वाले व्यापारियों का खर्चा भी नहीं निकल पाया है




मेले में आए झूला व्यवसाई ने कहा है कि व्यापारियों को झूले चकरी लगाने की मंजूरी देरी से दी गई थी और इसीलिए वह मेला लगाने में लेट हो गए। इसके बाद जब सही से ग्राहकी शुरू हुई तो नगर पालिका की अवधि खत्म होने आ गई। इससे व्यापारियों का खर्चा और आने जाने का खर्चा भी नहीं निकल पा रहा है। नगरपालिका 28 को मेला खत्म करने की बात कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो झूले व्यापारियों का नुक़सान हो जाएगा। झूले की सामग्री लाने में  40 हजार रुपए खर्च हो गए।अब इनको ले जाने में भी इतना ही खर्चा आ जाएगा। नगरपालिका को मेले की अवधि बढानी चाहिए। व्यापारी पहले ही कोरोना की मार झेल रहे हैं। व्यापारियों को कम समय मिलने से नुकसान होगा इसलिए नगर पालिका को समय बढ़ाना चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ