मंदसौर जिले में अभी तो सभी किसानों के बोवनी भी नहीं हुई और खाद के लिए लगने लगी है भीड़

 

मंदसौर जिले में खाद के लिए किसानों की लग रही भीड़ 2021



मंदसौर जिले में प्रशासन और कृषि विभाग भले ही जिले में खाद की आपूर्ति के तमाम बड़े दावे कर रहा है ,लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत है। रबी सीजन में गेहूं सहित अन्य जिंसों की शत-प्रतिशत बोनी नहीं हुई है अभी से खाद की किल्लत और खाद के लिए सोसायटीओं के बाहर किसानों की भीड़ जमा होने लग गई है। इधर लगातार प्रशासनिक अमला खाद की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में खाद और विशेषकर यूरिया खाद भी लगने वाली रेट से मिलना है। जो पूरे जिले में खाद भंडारित किया जाएगा।



सभी सोसाइटीयो के बाहर लग रही है भीड़



मंदसौर जिले में मिलने वाली सभी सोसाइटीयो पर किसानों की भीड़ लग रही है। बोवनी के साथ ही किसान खाद की पूर्ति के लिए बाजार से लेकर सोसायटीयो में पहुंच रहे हैं। लदुना के बाहर दिनभर भीड़ लगी रही। प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि खाद की कमी बनी हुई है। आसानी से खाद नहीं मिल रहा है। वही कालाबाजारी पर सती के बाद बाजार में भी इसे लेकर भाई का माहौल बना हुआ है। हालांकि दुकानों में थोक में खरीदकर गांव में अधिक दामों पर बेचने का दौर जारी है। ऐसे में विभाग ने खाद के डीलरों की जानकारी खंगालना शुरू कर दी है। प्रशासन जिले में खाद की आपूर्ति के लिए सारे इंतजाम कर रहा है।




आने वाले दिनों में पूरे जिले में होगा खाद




प्रशासन ने दावा किया है कि 16 नवंबर तक रतलाम, नीमच और गरोठ में शत प्रतिशत किसानों को खाद मिलने लगेगा। खाद के लिए मांग भेजी जा चुकी है। नीमच रतलाम और गरोठ में रैक लगने वाली है। आने वाले दिनों में यूरिया सहित सभी प्रकार का खाद पूरे जिले में मिलने लगेगा। 16 नवंबर तक सभी जगहों पर रैक लग जाएगी। खाद को लेकर लगातार समीक्षा के साथ आपूर्ति के लिए हर स्तर से काम किया जा रहा है। इधर कांग्रेस पार्टी ने खाद के मुद्दे को पकड़ लिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नव कृष्णा पाटिल ने कलेक्टर गौतम सिंह को इसके लिए पत्र लिखा है। किसानों को मांग के अनुसार खाद नहीं मिल रहा है।

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