नहीं बनेगा 3.4 किलोमीटर का मंदसौर सीसी रोड, धूल का सामना करके ही लोगों को जाना पड़ेगा मंदसौर, तकनीकी पेंच में फंसा टेंडर

 

मंदसौर मुख्य मार्ग में आई तकनीकी प्राब्लम 2021



महू नीमच राजमार्ग के काबरा पेट्रोल पंप से गुराडिया फंटे तक के 3.4 किलोमीटर जर्जर हिस्से को सीसी रोड में बदलने के टेंडर होने के लगभग 1 माह बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। 10 करोड़ रुपए के प्रस्तावित रोड के लिए इंदौर के ठेकेदार आरजे गुप्ता ने 25% कम में टेंडर डाला था लेकिन भोपाल में स्वीकृति के लिए भेजे जाने के बाद वह वापस नहीं लौटा है। लोगों को गड्ढे भरे रास्ते से ही मंदसौर जाना पड़ रहा है। इसके पीछे की कहानी यह बताई जा रही है कि सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली नेता जी के चहेते ठेकेदार को रोड का काम नहीं मिलने के बाद से ही इस टेंडर पर कई तरह के तकनीकी पेंच फसा दिए गए हैं। इधर सूत्रों की माने तो ठेकेदार को भी इस तरह परेशान किया जा रहा है कि उसने काम छोड़ने का मन बना लिया है।



लोग 2019 से इस जर्जर सड़क को झेल रहे हैं



वर्ष 2019 की बारिश में ही यह सड़क जर्जर हो गई थी और उसके बाद काबरा पेट्रोल पंप से गुराडिया नाके तक के 3.4 किलोमीटर हिस्से में सड़क बनने की मांग की गई थी। इसके टेंडर होने के बाद सभी लोग सोच रहे हैं कि भोपाल से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा और सीसी रोड बनने के बाद इस रोड पर आवागमन सहज हो जाएगा। लेकिन पर्दे के पीछे पूरी तरह अलग ही कहानी हो रही है। सत्ताधारी दल से जुड़े नेता जी जनता के बीच खड़े होकर इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने की बात कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो वहीं इसमें पेंच फंसा रहे हैं। कई मौकों पर वह कह भी रहे हैं कि इस क्षेत्र में काम हमारे ठेकेदार को ही मिलना चाहिए। इसलिए 10 करोड़ की रोड को लगभग 7.50 करोड़ रुपए में बनाने का टेंडर डालने वाले ठेकेदार आरजी गुप्ता की राह में तकनीकी पेंच फसाए जा रहे हैं।




नेताओं की राजनीति के बीच लोगों को होना पड़ रहा परेशान



नेताओं की इस राजनीति के बीच रोजाना हजारों लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। टेंडर स्वीकृति में देरी के चलते हैं कार्यपालन यंत्री ने इस रोड का पैच वर्क भी शुरू करा दिया है। वही दबी जबान में यह कहानी भी बताई जा रही है कि बाहरी ठेकेदार को कुछ इस अंदाज में परेशान किया जा रहा है कि वह काम छोड़ने का मन भी बना चुका है। काबरा पेट्रोल पंप से गुराडिया पांडे बाईपास तक का सीसी फोरलेन बनने से मंडी व्यापारियों के साथ ही नीमच तरफ आने जाने वाले लोगों को सुविधा मिलना है। सितंबर में हुई टेंडर प्रक्रिया 4 टेंडर आए थे इसमें आरजी गुप्ता ने 25% कम, आशीष गुप्ता ने 17% कम का टेंडर डाला था। संभवतः कम पैसे होने पर आरजी गुप्ता को टेंडर दिया गया था और स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा गया था लेकिन अभी तक वहां स्वीकृति नहीं मिली है। इसमें लोगों को परेशान करना पड़ रहा है।

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