फ्री फायर के लिए मां के अकाउंट से 1500 रूपए निकाल लिए, खुद के अपहरण की साजिश भी रची


Free fire गेम ने बच्चे को बनाया अपराधी 2021



आनलाइन गेम Free fire की एक और रोचक घटना सामने आई है। एक छात्र ने अपनी गलती छुपाने के लिए परिवार के सामने खुद के अपहरण की घटना रच दी। अपहरण होने का भरोसा दिलाने के लिए लड़के ने खुद को चोट भी पहुंचाई। उसके बाद परिवार वालों ने जब रिपोर्ट दर्ज करवाई तो सख्ती से पूछताछ की गई। उसके बाद मामले का पूरा खुलासा किया गया। लड़के को जब पता चल गया तो वह कोचिंग जातें समय घर से भाग गया था। लड़के के परिवार वालों ने पुलिस को लड़के द्वारा बताए अनुसार अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि लड़के को ऑनलाइन गेम की लत लग चुकी थी।




अपनी मां के अकाउंट से 1500 गेम में ट्रांसफर कर लिए थे



पुलिस ने बताया कि बच्चे ने फ्री फायर गेम में डायमंड और पैक्स खरीदने के लिए अपनी मां के अकाउंट से 1500 रुपए ट्रांसफर कर लिए थे। उसके बाद परिवार वालों की डांट से बचने के लिए बच्चे ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बना दी थी। घटना जीवाजीगंज इलाके की है। बच्चा शीतला माता मंदिर इलाके का रहने वाला है जो दिन भर फ्री फायर गेम खेलता रहता था। इसके लिए जब उसकी मां ने उसे डांटा तो वह भाग कर इंदौर चला गया। इंदौर के राजवाड़ा इलाके में वह बच्चा रो रहा था जिसे लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। वहां पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो बच्चे ने बताया कि उज्जैन रोड पर दो बदमाशों ने मिलकर उसके साथ अपहरण किया और बेहोश करके कार की डिक्की में डाल दिया। बदमाशों ने उसकी पिटाई भी की लेकिन वह मौके से भाग निकला।




उज्जैन पुलिस लाई सबके सामने हकीकत



इंदौर पुलिस ने बच्चे के माता-पिता को इंदौर बुलाया। वहां केस की फाइल दर्ज कर उज्जैन पुलिस को भेज दी गई। उज्जैन पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की और बच्चे से बार-बार प्रश्न पूछे गए। बच्चे ने हर बार बात में कुछ ना कुछ अलग बताया जिससे पुलिस को शक हुआ। उसके बाद पुलिस ने बच्चे से कहा कि हम तुम्हारे परिजनों को नहीं बताएंगे। उसके बाद बच्चे ने सच्चाई बताई की उसने फ्री फायर गेम खेलने के लिए अपनी मां के अकाउंट से ₹1500 निकाल लिए थे और मां के मोबाइल पर मैसेज चला गया था। इसलिए उसे डर सताने लगा था कि सभी बैठेंगे तो उसने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी बना ली और विश्वास दिलाने के लिए दीवाल पर गठित कर हाथों पर चोट लगा ली।





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