बायोडीजल के नाम पर मंदसौर जिले में बेचा जा रहा बेस ऑयल, जिले में रोज पहुंच रहे 15 से 20 टैंकर

 

प्रशासन ने अवैध बायोडीजल पंपों को किया बंद 2021



जिले में बायोडीजल के नाम पर बेस ऑयल की बिक्री का अवैध कारोबार तेजी से चल रहा है। प्रशासन पूरी तरीके से मंदसौर जिले को साफ कर रहा है। प्रशासन अलग-अलग टीमों के साथ अतिक्रमण भी हटा रहा है, शहर की सफाई भी कर रहा है और अवैध रूप से चल रहे बायोडीजल पंप पर कार्यवाही भी कर रहा है। मंदसौर जिले में रोजाना गुजरात से 20 टैंकर बेस ऑयल के बायोडीजल पंप पर पहुंच रहे हैं और उसकी बिक्री भी हो रही है। प्रशासन ने जिले में अवैध रूप से चल रहे सभी बायोडीजल पंप सील कर दिया है लेकिन फिर भी लोकल रूप से बेस ऑयल की बिक्री गांव गांव तक की जा रही है।




अवैध रूप से कर रहे पंप संचालित और लाइसेंस के लिए आवेदन भी कर रहे 




पुलिस और प्रशासन द्वारा अभी तक कार्रवाई नहीं करने पर  लोग अवैध रूप से पंप संचालित कर रहे हैं और 7 लाइसेंस के लिए आवेदन भी कर चुके हैं। इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि बेस ऑयल से शासन को राजस्व 120 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इतना नुकसान होने के बाद भी प्रशासन कार्यवाही करने से बच रहा है। प्रशासन का कहना है कि मामला जन जीवन से जुड़ा हुआ नहीं है इसलिए इस पर कार्यवाही करना उचित नहीं है। प्रशासन ने कार्रवाई की है और बायोडीजल पंप को सील किया है। इसको लेकर आ संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने जैसे ही कार्यवाही करना शुरू की संचालक कौन है वैसे ही पंप संचालक लाइसेंस के लिए आवेदन करने लगे हैं।




पंप बंद होने के बाद भी जिले में हो रहा बायोडीजल का अवैध कारोबार




अभी तक 7 पंप संचालक लाइसेंस के लिए आवेदन कर चुके हैं। प्रशासन द्वारा कार्यवाही कर सभी बायोडीजल पंप को बंद तो कर दिया गया है लेकिन फिर भी जिले में अवैध रूप से बायोडीजल बेचा जा रहा है। बायोडीजल के नाम पर बेस ऑयल बेचा जा रहा है। यह पूर्ण रूप से पर्यावरण और वाहनों के लिए घातक ऑयल है। बेस ऑयल स्वास्थ्य खराब करता है और साथ ही पर्यावरण प्रदूषित भी करता है। इसके बाद भी प्रशासन इसको रोक नहीं पा रहा है। गांव में सभी सस्ता होने पर इसी का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें बायोडीजल मंदसौर से ही प्राप्त हो रहा है। रोजाना गुजरात से टैंकर मंगवाए जा रहे हैं। इसका सबसे अधिक उपयोग कृषि कार्य और बसों में किया जा रहा है। प्रशासन अब सभी पर कार्यवाही करेगा। अभी तक किसी को भी लाइसेंस नहीं दिया गया है।

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