किसानों का हाल हुआ बेहाल: सोयाबीन की फसल खराब और प्याज की फसल पर आया जलेबी रोग

 




यह साल किसानों के लिए खराब साबित हुआ है। मंदसौर क्षेत्र के मल्हारगढ़ वाले किसानों को इस बार अधिक नुकसान हुआ है। सबसे पहले अल्टो वर्षा के कारण फसलें प्रभावित हुई सोयाबीन पर अटैक किया। इसके बाद अनवरत बारिश से सोयाबीन और उड़द की फसलें चौपट हो गई। इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोयाबीन मूंगफली और उड़द की फसलें तो बर्बाद हो ही गई लेकिन साथ में है अब प्याज की फसल पर भी जलेबी रोक आ गया है और धीरे-धीरे प्याज के खेत सूखने लगे हैं। इसके कारण किसानों की चिंता और भी बढ़ गई है। प्याज की फसल पर जलेबी रोग आने से किसानों का संकट बढ़ गया है।



कोई सी भी दवाई नहीं कर रही है असर



प्याज पर आया यह जलेबी रोग इतना खतरनाक है कि कृषि वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा बताई गई दवाई से भी इस पर कुछ असर नहीं हो रहा है। किसानों ने प्याज को बचाने के लिए हर महंगी से महंगी दवाई लाकर अपने खेतों में छिड़काव कर दिया लेकिन किसी भी दवाई से इस बीमारी पर असर नहीं होगा और इस प्रकार किसानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। यह वर्ष किसानों के लिए ऐसा रहा है कि हर कोई कर्ज में डूब गया है क्योंकि सबसे पहले महंगी सोयाबीन खरीदी और सारी फसल बर्बाद हो गई उसके बाद प्याज के लिए महंगा बीज खरीदा और प्याज में रोग आने से किसानों ने महंगी दवाइयां भी लाकर खेतों में छिड़काव किया लेकिन उससे भी कुछ असर नहीं पड़ा। इस प्रकार से किसानों को कहीं से भी फायदा नहीं दिख रहा है।



कांग्रेस ने किसानों को राहत देने की मांग की



किसानों को सरकार की तरफ से कोई भी राहत नहीं दी गई है इसलिए कांग्रेसी नेताओं ने खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों को राहत देने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया और किसानों से चर्चा की और साथी प्याज की फसल को भी देखा। पिपलिया विषन्या के किसान संजय पाटीदार ने बताया कि उनके द्वारा 6 बीघा जमीन में की गई प्याज की फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो गई है। इसमें ₹75000 का बीज, ₹46000 की दवाइयां, 60,000 बुवाई और ₹10000 निंदाई के लिए खर्च किए हैं। इसके बाद भी जलेबी रोग प्याज को बढ़ने नहीं दे रहा है और प्याज धीरे-धीरे सूखने लगा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार सरकार से मांग कर रही है कि किसानों के खेतों का सर्वे करना चाहिए और उचित मुआवजा देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस द्वारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।



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