मंदसौर के तस्कर सिंधी रिमांड पर, आखिर मंदसौर का होकर भी नीमच में क्यों करता था तस्करी

 




प्रदेश के कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी को 2 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। 2 दिन की रिमांड में पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले बाबू सिंधी से कई राज उगल वाएगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा चलाए गए अभियान में एक के बाद एक सफलता मिलती जा रही है। कुछ दिनों पहले बाबू सिंधी को गिरफ्तार किया गया था और 2 दिन पहले ही शामगढ़ के अंतर राज्यीय तस्कर लियाकत को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला पुलिस के मादक पदार्थ तस्करों के साथ के गठजोड़ को एक वीडियो क्लिप ने उजागर कर दिया है। बाबू सिंधी मंदसौर का रहने वाला था फिर भी नीमच में जाकर चार-पांच वर्षों तक मादक पदार्थ की तस्करी करके लाखों की संपत्ति बना ली।




मंदसौर का होकर भी नीमच में तस्करी क्यों करता था बाबू सिंधी



कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी मंदसौर का रहने वाला था फिर भी नीमच में जाकर मादक पदार्थों की तस्करी करता था। नीमच में उस पर अभी तक एक भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं हुआ है जबकि मादक पदार्थों का कारोबार नीमच सिटी पुलिस थाने से सिर्फ 2 किलोमीटर दूरी पर हो रहा था।एनसीबी की टीम ने इस काले धंधे के खेल को उजागर कर दिया है और बाबू सिंधी के गोदाम से अवैध डोडा चूरा को जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। एनसीबी टीम ने पुलिस की कार्यवाही पर निशान लगा दिया है। जबकि मनीष तिवारी के यहां पर भारी मात्रा में डोडा चूरा जप्त होने पर बाबू सिंधी का नाम उजागर होने पर जिला पुलिस को चेताया भी था लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई थी।



पुलिस हर बार मामले को गोलमाल कर बाबू को बचा लेती है



जब भी किसी तस्करी के मामले में बाबू सिंधी का नाम आता है तो पुलिस हर बात कुछ ना कुछ गोलमाल करके बाबू को बचा लेती है और इसी कारण बाबू सिंधी नीमच में अपने धंधे बेखोफ होकर चला रहा था। अब जाकर एनसीबी की टीम ने भंडाफोड़ किया है। इसके बाद जिला पुलिस ने सिंधी पर मादक पदार्थ तस्करी का तो नहीं लेकिन आर्म्स एक्ट में जरूर दर्ज किया है। तस्कर बाबू शिंदे को कोर्ट में न्यायाधीश के सामने पेश किया गया और वहां से 2 दिन के लिए रिमांड पर भेजा गया है। मामले में गहराई से जांच की जाएगी क्योंकि जब बाबू सिंधी बिंदु से केक काट रहे थे तब उनकी पार्टी में कुछ पुलिसवाले भी शामिल थे। उन पर भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बंदूक के बारे में पूछताछ की जाएगी। बताया जा रहा है कि वह बंदूक किसी देवास के अधीक्षक की है। जांच के लिए टीम को देवास रवाना कर दिया गया है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।

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