कब बदलेगी अफीम नीति: किसानों को 10-10 आरी के पट्टे में देने की मांग, किसान करेंगे प्रदर्शन

2021 अफीम नीति में बदलाव कब होगा 



मंदसौर में अफीम काश्तकार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार द्वारा लगातार अफीम के पट्टे काटे जा रहे हैं और अफीम की खरीदी को लेकर कोई निश्चित समय नहीं होने से अफीम किसानों को परेशानी हो रही है। अनेक मुद्दों पर कई बार केंद्रीय नेतृत्व और विभाग को अवगत भी कराया गया लेकिन समस्याओं में अब तक सुधार नहीं हो पाया है। नीमच और मंदसौर मंडी में पोस्ता दाना भी नहीं खरीदा जा रहा है इसके लिए भी अफीम काश्तकार संघर्ष कर रहे हैं। इससे अन्य दाताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



अफीम काश्तकारों को मंडी के बाहर बेचना पड़ रहा है पोस्ता दाना



नीमच मंदसौर मंडी में पोस्ता दाना की नीलामी नहीं होने से अफीम किसानों को मजबूरी में मंडी के बाहर ही पोस्ता दाना बेचना पड़ रहा है। इसको लेकर अफीम काश्तकारों में आक्रोश भी है। मालवा किसान संगठन एवं अफीम काश्तकार संगठन नेता अमृत राम पाटीदार के साथ ही योगेंद्र जोशी और दिलीप पाटीदार ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभी तक अपनी नीति में कोई परिवर्तन नहीं किया है। अक्टूबर माह लग चुका है लेकिन इसके बाद भी अभी तक नहीं अफीम नीति की घोषणा नहीं की गई है।



किसानों को 10-10 आरी के पट्टे देना चाहिए 



अफीम घोषणा अभी तक नहीं हुई है और किसान लाचार बेबस होकर परेशान हो रहा है। साथ ही प्रत्येक किसान को 10-10 आदि के पट्टे दिए जाने चाहिए यह भी मांग किसानों द्वारा की गई है। इस के संदर्भ में सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में बैठक के दौरान ज्ञापन भी दिया था लेकिन अभी तक उसके लिए फैसला नहीं आया है। संभावना तो जताई जा रही है कि 1998 से कटे हुए सभी पट्टे किसानों को दिए जा सकते हैं। किसानों की यह भी मांग है कि इस वर्ष मार्फिन पर लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए। किसानों ने यह भी कहा है कि मार्फिन पद्धति को खत्म करके पुरानी पद्धति लागू करनी चाहिए। अफीम का भाव ₹10000 प्रति किलो किया जाना चाहिए। वर्ष 2013-14 में बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित अफीम काश्तकारों को शून्य औसत पर लाइसेंस दिया जाना चाहिए। इन मांगों को लेकर अफीम काश्तकार नीमच में अफीम कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन करेंगे।


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