अफीम नीति 2021 घोषित: 4.2 फिसदी औसत मार्फिन देने वाले किसानों को मिलेगा पट्टा

 अफीम नीति 2021-22 घोषित / Afeem niti 2021-22 announced



सरकार द्वारा अफीम नीति 2021 घोषित कर दी गई है। अफीम के किसानों को लंबे समय से इसका इंतजार था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा नई अफीम नीति घोषित कर दी गई है। अफीम नीति 2021 में फैसला लिया गया है कि जिन किसानों ने 4.2 औसत फीसदी मार्फिन प्रति हेक्टेयर दिया था उन्हें इस बार भी पट्टा दिया जाएगा। जिन किसानों ने अधिक हो सकती थी उन्हें अधिक आरी का पट्टा दिया जाएगा। अफीम नीति 2021 में अफीम किसानों को 10 से 12 आरी के पट्टे वितरित किए जाएंगे। हालांकि इस बार पिछले वर्षों के मुताबिक नीति में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है।



अफीम नीति 2021 से किसानों में दिख रहा है आक्रोश



अफीम नीति 2021 में आए फैसले से किसानों को राहत नहीं मिलने के कारण किसानों में आक्रोश दिख रहा है। मंदसौर जिले के गांव करजू के किसानों सहित अन्य गांव के किसानों ने इसको लेकर नारेबाजी भी की। मंदसौर और नीमच जिले को देखा जाए तो लगभग 40 हजार से अधिक किसान अफीम की खेती करते हैं। रतलाम जिले के भी कुछ हिस्सों में किसान अफीम की खेती करते हैं लेकिन प्रति वर्ष सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की राहत खबर नहीं दी जाती है। इस बार किसानों को उम्मीद थी कि अफीम नीति 2021 में किसानों को राहत देने वाला फैसला लिया जाएगा लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है।



अफीम नीति 2021 की खास बाते जो पिछले वर्ष से अलग है



1- गत वर्ष या अधिक औसत मार्फिन अफीम किसानों को प्रोत्साहित करते हुए अधिक आरी के लाइसेंस मिलेंगे।


2- जिन किसानों की अफीम फसल खराब हो गई थी उन्हें नारकोटिक्स विभाग की निगरानी में हकवाने वाले किसानों को दोबारा पट्टे दिए जाएंगे।


3- वर्ष 2018,2019, और 2020 में अफीम खेती जुताई करने वाले और 2017-18 में अफीम की बोवनी नहीं करने वाले किसानों को अफीम पट्टा दिया जाएगा।


4- एनडीपीएस एक्ट के तहत अगर किसी पर प्रकरण दर्ज हो और सक्षम न्यायालय द्वारा 31 जुलाई 2021 तक आर्डर में बरी किया गया है तो उन्हें दूसरी शर्त पूरी होने पर अफीम पट्टा दिया जाएगा।


5- प्रति हेक्टेयर 5 किलोग्राम से कम औसत मार्फिन देने वाले किसानों को 6 आरी का पट्टा दिया जाएगा। 5 किलोग्राम से 6 किलोग्राम तक औसत देने वाले किसानों को 10 आरी का पट्टा दिया जाएगा। 6 किलोग्राम से अधिक औसत देने वाले किसानों को 12 आरी का पट्टा दिया जाएगा।


6- मार्फिन औसत के अलावा अन्य नीतिगत प्रावधान के अनुसार किसानों को 5-5 आरी के पट्टे दिए जाएंगे।


7- वह किसान जिन्हें 10 आरी का पट्टा पाप्त है वह एक भूखंड पर ही बुवाई कर सकते हैं और जिन किसानों को इससे अधिक का लाइसेंस वह दो भूखंड पर बोवनी कर सकते हैं।





देश की 80% अफीम उत्पादन करते हैं मंदसौर और नीमच के किसान




देश में उत्पादन होने वाली कुल अफीम का 80% उत्पादन मध्यप्रदेश के मंदसौर नीमच और जावरा के किसान करते हैं। इनमें राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ ,कोटा , झालावाड़ आदि क्षेत्र भी शामिल है। मंदसौर और नीमच जिले में लगभग 50 हजार किसान अफीम की खेती करते हैं। अफीम और इसके बाय पोडक्ट डोडाचूरा, स्मैक तस्करी और नशे का कारोबार के साथ अपराध गतिविधियों को बढ़ाने में अंचल सामाजिक ताना-बाना प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि सरकार के पास 800 मेट्रिक टन अफीम का संग्रहण है लेकिन फिर भी नई अफीम नीति घोषित की गई है। किसानों द्वारा की गई मूल्य वृद्धि की मांग भी ठंडे बस्ते में रखी गई है।




अफीम नीति 2021 में चेतावनी भी दी गई है




सरकार द्वारा अफीम नीति 2021 जारी करने के साथ-साथ इसमें चेतावनी भी दी गई है कि अगर किसानों को वर्ष 2022 में भी अपने अफीम पट्टे को बरकरार रखना है तो उसके लिए अफीम किसानों को प्रति हेक्टेयर 5.9 किलोग्राम औसत मार्फिन देनी होगी। अगर इतनी अफीम नहीं देंगे तो आने वाले वर्षों में पट्टा हटा दिया जाएगा। इस वर्ष समितियों एवं किसानों की मांग करने के कारण किसानों को इतने पट्टे दिए गए हैं। अगली बार औसत मार्फिन देने वाले किसानों को ही पट्टा दिया जाए।












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