छोटी सी गलती ने ले ली नवोदय छात्रा की जान, बिना प्लग के तार वाले साकेट में मोबाइल चार्ज लगाने गई तो आ गया करंट



मोबाइल चार्ज लगाने में एक छोटी सी गलती ने 17 साल की लड़की की जान ले ली। मामला अशोकनगर का है जहां पर एक लड़की ने मोबाइल चार्ज लगाने में एक छोटी सी गलती कर दी और उसकी जान चली गई। लड़की अपना मोबाइल चार्ज लगा रही थी और उसी बोर्ड में खुले तार का एक और सॉकेट लगा हुआ था। चार्ज लगाते समय लड़की का हाथ उस खुले तार को टच हो गया और करंट लगने से लड़की की मौत हो गई। जैसे ही लड़की को तार टच हुआ तो उसे करंट के झटके लगने लगे और वह तार से चिपक गई। लड़की का शोर सुनकर उसके भाई ने जल्दी से पहुंचकर डंडे से तार को अलग किया और शोर मचा कर अपने परिजनों को पास बुलाया।



लड़की को अस्पताल ले जाया गया



करंट लगने से लड़की के तार चिपकने वाली जगह गहरा घाव हो गया था और मौके पर लड़की को अस्पताल भी पहुंचा दिया गया था लेकिन डाक्टर उसे बचा नहीं पाएं। लड़की का नाम शिवानी पिता जगन्नाथ है जो शंकर कालोनी में रहती हैं।जिस बोर्ड में वह चार्ज लगा रही थी उसी बोर्ड के दूसरे सॉकेट में बिना प्लग का तार लगा हुआ था।उसी तार को फोन चार्ज लगाते समय लड़की का हाथ टच हुआ था।



घटना के समय घर पर कोई नहीं था



घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। लड़की के परिजनों ने बताया कि वह खेत पर सोयाबीन काटने के लिए गए थे ‌ लड़की का एक छोटा भाई घर पर ही था लेकिन वह बाहर खेलने के लिए गया था। लड़की का बड़ा भाई इंदौर गया हुआ था। लड़की को करंट दिन में लग चुका था। जब शाम को 4:00 बजे बाद उसका छोटा भाई घर आया तो उसने अपने बहन को तार से चिपका हुआ देखा। उसके भाई ने लकड़ी से तार को दूर किया और चिल्ला चिल्ला कर परिजनों को बुलाया। इसी दौरान सामान लेने गए उसकी बड़ी बहन भी घर पर आई। इसके बाद माता-पिता को सूचना दी गई। शिवानी की बड़ी बहन लक्ष्मी ने बताया कि वह घर पर सफाई कर रही थी। बड़ी बहन ने बताया कि ग्वालियर के नवोदय विद्यालय में कक्षा आठवीं में पढ़ती थी। कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से वह अपने घर आई थी। थोड़े दिनों बाद ही वह स्कूल जाने वाले थे लेकिन अब वह नहीं रही है।

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