शहर की प्यास बुझाने के बाद भी अधूरा पड़ा है चंबल प्रोजेक्ट, चार साल पहले शुरू हुआ था कार्य




गर्मी के दिनों में मंदसौर शहर की प्यास बुझाने वाला चंबल प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कोल्वी से लेकर मंदसौर का 54 करोड़ का प्रोजेक्ट के पूरा होने के दावे के बाद भी यह अधूरा ही पड़ा है। डीपीआर के हिसाब से देखा जाए तो बहुत से काम ऐसे हैं जो अभी तक बाकी पड़े हैं। इन रुके हुए कार्यों को नगर पालिका प्रशासन को करवाने में पसीना छूट रहा है। बारिश होने पर चंबल का पानी नगर पालिका ने लेना बंद कर दिया और ठेकेदार को टेस्टिंग के लिए कह दिया लेकिन अब तक मात्र 50% लाइन ही टेस्टिंग हो पाई है। जबकि बिजली लाइन से लेकर बाउंड्री वाल, स्टाफ क्वार्टर से लेकर अन्य काम होना इसमें अभी बाकी है।



गर्मी में नगर पालिका ने शहर की प्यास जरूर बुझा दी थी



ग्रीष्म ऋतु में पानी की कमी को देखते हुए नगर पालिका ने अस्थाई रूप से जोड़ तोड़ कर और संसाधन जुटाकर चंबल का पानी मंदसौर में लाने में सफल हुएं थे और शहरवासियों की प्यास भी बुझाई थी। इसके बाद जरूर बचे हुए काम को पूरा कराने के लिए नगर पालिका ने इसको खीर बना दिया है। पिछले कई सालों से चंबल प्रोजेक्ट नगरपालिका के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। जिसे नगरपालिका अभी तक पूरा नहीं कर पाई है और नगरपालिका के पसीने छूट रहे हैं। ठेकेदार की रसूख के आगे बेबस नगर पालिका डीपीआर के अनुसार काम नहीं कर पा रही है। ठेकेदार पर कोई नकेल नहीं कस पा रहा है।इसीलिए पूरा प्रोजेक्ट शुरुआत से लेकर अब तक विवादों में उलझा हुआ है।




कौन-कौन से कार्य अभी भी बाकी है



चंबल प्रोजेक्ट 4 सालों के बाद भी अधूरा पड़ा है लेकिन जैसे तैसे नगर पालिका ने शहर में गर्मी के दिनों में पानी पहुंचा दिया था, लेकिन अभी भी इस प्रोजेक्ट में कई काम होना बाकी है। डीपीआर के अनुसार चंबल प्रोजेक्ट में स्टाफ क्वार्टर का निर्माण और चंबल नदी पर वाटर स्काडा सिस्टम  लगाना जिसके मॉनिटरिंग राम घाट पर लगाना है। इससे नदी में पानी की आवक पता चल सकेगी। वही इसमें 25 किलोमीटर की डाली जाने वाली पाइप लाइन अभी भी बाकी है तो इंटकवेल पर बाउंड्री वाल भी बनाना बाकी है। बिजली लाइन के लिए 22 किलोमीटर में डाली गई लाइन बारिश के समय आंधी तूफान में धराशाई हो गई थी उसे भी स्थाई रूप से ठीक करके लाइन सुधारने का कार्य अभी भी बाकी है। अभी लीकेज हो रही लाइन की टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। अभी उसे सही प्रकार से तैयार करना है ताकि दो पंप का दबाव भी वह एक साथ झेल सके। यह सभी कार्य अभी चंबल प्रोजेक्ट में होना बाकी है।

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