स्वच्छता के नाम पर नपा ने मंदसौर में 5 साल में 25 करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन गंदगी वहीं की वहीं पड़ी है

 

स्वच्छ भारत मिशन से मंदसौर में क्या बदलाव आया



देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत देश को स्वच्छ करने के लिए एशिया का सबसे बड़ा अभियान चला रखा है। अभियान देश में कई राज्यों में अच्छा भी साबित हुआ लेकिन प्रदेश के मंदसौर जिले में अभियान का पैसा घूम हो गया है। प्रति वर्ष स्वच्छता के नाम पर जिले में बजट आता है लेकिन नपा उन पैसों को पता नहीं कहा उपयोग में ले रहीं हैं जो जनता को दिख भी नहीं रहा है। अभियान का असर मंदसौर जिले में कुछ भी नहीं दिख रहा है। नगरपालिका ने पिछले 5 सालों में लगभग 25 करोड़ रूपए से अधिक का कार्य कर दिया है लेकिन सफाई में मंदसौर पहले जैसा ही दिख रहा है।




शहर की खाली जगह बनती जा रही है कचरा मैदान




नगरपालिका शहर को स्वच्छ तो नहीं कर रहीं हैं लेकिन शहर में जगह जगह पड़ी सरकारी जमीन को कचरा मैदान बना रहे हैं। शहर में जहां पर भी खाली जगह दिखती है वहां पर नगर पालिका कचरा मैदान बना देती है। मंदसौर शहर में जगह-जगह लोग गंदगी से परेशान हैं और बार-बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। जिम्मेदार अब जाकर सफाई का आश्वासन दे रहे हैं। मोदी जी ने 2015 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। जब मिशन ठंडा होने लग गया तो सरकार ने 2017 में प्रतिस्पर्धा का भाव जगाने के लिए सर्वेक्षण की शुरुआत की। प्रतिवर्ष स्वच्छता के नाम पर मंदसौर को चार चार करोड रुपए मिले लेकिन सही प्रकार से खर्च नहीं करने के कारण मंदसौर में गंदगी बरकरार है।



क्या-क्या नगरपालिका ने इन पैसों से खरीदा 



स्वच्छ भारत मिशन में आए हुए रूपयो से मंदसौर नगरपालिका ने सर्वप्रथम घर घर से कचरा इकट्ठा करने के लिए करीब 34 वाहन विक्रय किए।12 से 18 लाख के मान से 8 चलित शौचालय खरीदे, प्रति वर्ष शहर में रखने के लिए डस्टबिन खरीदे। शौचालय में लगाने के लिए 22 से 24 हजार की लागत से पेड मशीनें खरीदी। ट्रेचिंग ग्राउंड पर  कचरा अलग करने और पैकिंग के लिए 20 लाख की मशीन और करीब 20 लाख में इलेक्ट्रानिक तौल कांटा सहित 5 साल में करीब 25 करोड़ का खर्चा कर दिया लेकिन सही maintain नहीं करने से गंदगी को कुछ असर नहीं हुआ है। नगरपालिका ने तिजोरी तो साफ कर दी लेकिन गंदगी का कुछ नहीं हुआ है। अगर शहर को स्वच्छ करना है तो नगरपालिका को प्लान के साथ काम करना पड़ेगा और अलग से एक समिति बनानी पड़ेगी वरना शहर का हाल बिगड़ता जाएगा।








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ