बारिश छीन रही किसानों के मुंह आया निवाला, खेतों में खड़ी खड़ी सड़ रहीं सोयाबीन




बिना मौसम के हो रही बारिश किसानों के मुंह आया निवाला छीनने का काम कर रही है। जब सोयाबीन की बोवनी हुई थी तब तो बारिश किसानों को सता रही थी और आने का नाम ही नहीं ले रही थी लेकिन जब सोयाबीन काटने का समय आ चुका है तो बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। रोजाना या तो दिन में या रात में बारिश आ ही जाती है। गुरुवार और शुक्रवार को भी जिले में शाम के समय मूसलाधार बारिश हुई। ऐसे में किसानों को चिंता हो रही है कि मुंह में आया निवाला बारिश छीन जाएगी। लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों का नुकसान हो रहा है लेकिन बारिश रुकने का नाम तक नहीं ले रही है।



जिले में 80% सोयाबीन पककर तैयार हो गई है



मंदसौर जिले में 80% किसानों की सोयाबीन पूरी तरीके से पक चुकी है और काटने की कगार पर आ गई है। कुछ किसानों ने तो सोयाबीन को काट भी लिया है लेकिन बारिश ने उनका सारा काम बिगाड़ दिया है। बची हुई 20% सोयाबीन भी आने वाले 7 दिनों में पक कर तैयार हो जाएगी और अगर ऐसे में बारिश होती रही तो किसानों को सोयाबीन काटने और खेत से बाहर निकालने तक का समय नहीं मिलेगा और खेतों में खड़ी खड़ी ही सोयाबीन सड़ जाएगी। ऐसा कुछ किसानों के खेतों में हो चुका है कि अधिक बारिश के कारण सोयाबीन सरोना शुरू हो गई है और कुछ खेतों में तो सोयाबीन के दानों में से दोबारा अंकुरण होने लगा है।इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।



बारिश ही बनी हर बार सोयाबीन के लिए खतरा



जिन किसानों ने पहली बारिश के दौरान बोवनी कर दी थी उन्हें यह नुकसान देखना पड़ रहा है। बोवनी करने के बाद कई दिनों तक बारिश नहीं हुई और यहीं से किसानों की चिंता शुरू हो गई थी उसके बाद जब सोयाबीन बड़ी हुई तो पीला मोजक और अफलन की स्थिति ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। इसके बाद भी सोयाबीन जब पक कर तैयार हो गई तो लगातार बारिश के कारण वह भी सडने लग गई है यानी कि अभी तक किसानों को जितना भी नुकसान हुआ है वह बारिश के कारण ही हुआ है। इतना नुकसान होने के बाद भी किसानों को राहत की किरण नहीं दिख रही है। किसानों को अब मौसम के खुलने का इंतजार है।

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