अतिवर्षा ने किसानों के मुंह से छीना निवाला, बिना सर्वे के मिले मुआवजा, कांग्रेसी नेता पहुंचे खेतों में

 अतिवर्षा से हुआ किसानों का नुकसान



मंदसौर जिले में एक महिने से हो रहीं लगातार अनवरत बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है लेकिन सोयाबीन और उड़द की फसल खेत में ही सड़ने लगी है और दोबारा खड़ी खड़ी ही अंकुरित होने लगी है। पहले तो सोयाबीन की फसल पर पीला मोजक ने और किट की बीमारी ने किसानों को परेशान कर दिया था और अब अति वर्षा ने किसानों की सोयाबीन को पूरा नष्ट करने का सोच लिया है। इस महीने से लगातार बारिश हो रही है जिससे किसानों की मुसीबत कम होने की बजाय और बढ़ रही है। किसानों की चिंता दूर करने के लिए कांग्रेस नेता ने मल्हारगढ़ के गांव में जाकर किसानों के खेतों का आकलन किया।

फसल ने कर दिया लाखों का नुकसान

किसानों से चर्चा करने पर पहेड़ा के किसान ओंकारलाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 15 बीघा में सोयाबीन बोई थी। वाह पक कर तैयार भी हो चुकी है लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण उसे काटने का समय नहीं मिल रहा है और सोयाबीन खेतों में खड़ी खड़ी ही सड़ रही है और कुछ पौधों में सोयाबीन का दोबारा अंकुरण होने लगा है। इससे किसान ओंकार लाल पाटीदार को ₹400000 का नुकसान हुआ है। इसी प्रकार जिले के सभी किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। जिले में लगातार बारिश के कारण मंदसौर जिले के सभी किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है। जिन किसानों ने सोयाबीन को काट दिया था, वह भी सड़ गई है।

बिना सर्वे मुआवजा मिलना चाहिए

जिले के लगभग सभी किसानों का नुकसान हो गया है। सरकार बिना सर्वे के पर्याप्त मुआवजा देनी चाहिए। किसानों के लिए यह मांग कांग्रेस के नेता कर रहे हैं। किसानों को वर्ष 2020 के बीमा की राशि भी तत्काल उपलब्ध करानी चाहिए। अल्प वर्षा के कारण उस समय भी फसलों में नुकसान हुआ था। अति वर्षा से नष्ट हुई फसलों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने खेत से ही मोबाइल से एसडीएम रोशनी पाटीदार, तहसीलदार वंदना हरित को भी स्थिति से अवगत करवाकर राहत की मांग की। अब सिर्फ मुआवजा ही किसानों को राहत प्रदान कर सकता है।

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