शिवना उफान पर आई तो जिले में गांधी सागर को छोड़कर सभी बांधों के खोलने पड़ें गेट, लबालब सभी बांध

 




मंदसौर जिले में लगातार हो रही बारिश से हर और पानी पानी नजर आ रहा है और पूरा जिला जलमग्न हो चुका है। जिले के शब्बी जलाशय लबालब हो चुके हैं और छलक रहे हैं। जिले के गांधी सागर को छोड़कर सभी बांधों के गेट खुल चुके हैं। इस बारिश ने खेतों को तालाब बना कर रख दिया है और पूरी सोयाबीन को नष्ट कर रहा है। शिवना नदी उफान पर आने के साथ-साथ रविवार को जिले में आवागमन भी बाधित रहा तो गांधी सागर में लगातार जल स्तर बढ़ने का दौर अभी भी जारी है। पिछले वर्ष अभी गांधी सागर में अचानक पानी आ जाने के कारण रामपुरा में बाढ़ आ गई थी। इस बार समय से पहले ही गेट खोल दिए जाएंगे।



अभी भी सक्रिय है मानसून



जिले में बारिश का दौर अभी भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिले के सभी बांध और तालाब ओवरफ्लो हो रहे हैं। बारिश के साथ साथ बिजली कटौती का दौर भी जारी है। भले ही इस वर्ष मानसून ने आते समय जिले के लोगों को खुश नहीं किया लेकिन जाते हुए मानसून ने पूरे जिले को जलमग्न कर दिया है लेकिन यह किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। जिले में लगातार बारिश के दौर के कारण सबसे अधिक बारिश मल्हारगढ़ क्षेत्र में हो रही है। पिछले 24 घंटों में देखा जाए तो मल्हारगढ़ में 2 इंच से अधिक बारिश हुई है और सोमवार को भी 1 घंटे से अधिक समय तक बारिश हुई। इससे दो दिन पहले भी मल्हारगढ़ में 2 इंच बारिश हुई थी। इधर मंदसौर सहित गरोठ, भानपुरा व सीतामऊ, शामगढ़ में भी बारिश का दौर जारी है।



यह बारिश किसानों के लिए बनी चिंता



जाते हुए मानसून ने भले ही जिले को तरबतर कर दिया हों लेकिन यह किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। किसानों ने सोयाबीन को बड़ी मशक्कत के साथ बड़ा किया और पकाया था लेकिन बारिश में सारा काम बिगाड़ दिया। बारिश ने किसानों के खेतों को तालाब बना दिया है और खेत में खड़ी सोयाबीन सड़ने लगी है। कटी हुई फसल किसान निकाल नहीं पा रहा है। ऐसे में फसल खेत में ही सड़ रहीं हैं और दोबारा अंकुरित भी होने लगी है। बारिश के साथ साथ किसानों की फसल से लगी उम्मीद भी धूल रहीं हैं। फिर भी बारिश रूकने का नाम ही नहीं ले रही है।अब सभी को बारिश के खुलने का इंतजार है।

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