मंदसौर: भू माफिया के खिलाफ शपथ पत्र पर खून से किए हस्ताक्षर, रलायता में हूई किसानों की धर्म संसद

 



मंदसौर में शांति बाई नामक युवती जो अपने जीवनसाथी को खो चुकी है। इनके साथ जमीन के मामले में धोखाधड़ी हुई है और इसी का विरोध करने के लिए मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में 10 से ज्यादा गांव के किसानों ने धर्म संसद लगाकर संघर्ष का ऐलान कर दिया है। मंदसौर जिले के गांव रलायता में किसान संघर्ष समिति का बैनर लगाकर किसानों ने फ्लेक्स भी लगाएं। इसमें लिखा गया कि किसान संघर्ष समिति अमलावद न्याय के लिए धर्म युद्ध करेगी। किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए भू माफिया के खिलाफ शपथ पत्र पर खून से हस्ताक्षर किए।



किसान संघर्ष समिति 10000 न्याय पत्र मुख्यमंत्री को भेजेंगी



किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को 10,000 न्याय पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। धर्म संसद में गांव खेड़ा, सीतामऊ, रलायता, बुगलिया,पित्याखेडी, अमरावद, भालोट, डोराना आदि गांवों के किसान एकत्रित हुए। किसानों ने भविष्य में किए जाने वाले गांधीवादी आंदोलन को सहमति दी। बैठक में रलायता सरपंच ईश्वर जाट, कालू लाल जाट ,महेश जाट, नारायण सिंह, हीरा लाल कुमावत, लोकेंद्र सिंह, अमर सिंह, गोपाल पाटीदार, राकेश कुमावत, भंवर लाल गायरी आदि उपस्थित थे। सरपंच ईश्वर जाट ने बताया कि रलायता की बेटी शांति बाई के साथ भू माफिया ने धोखाधड़ी की है जिसका जमकर विरोध किया गया तथा शांति बाई के समर्थन में संघर्ष करने का संकल्प लिया गया




शांति बाई के साथ भूमाफिया ने धोखाधड़ी कैसे की



किसान संघर्ष समिति के प्रभारी मनीष सोनी ने कहा कि ब्याज खोर मोहनलाल भंवरलाल रिछावरा को शांति बाई के पति मदन लाल जाट ने बुगल्या स्थित एक बीघा जमीन वर्ष 2000 में गिरवी रखी थी। उसके बदले में मदन लाल जाट ने ₹20000 लिए थे। गरीब किसान परिवार ने ब्याज के करीब डेढ़ लाख रुपए चुका दिए। इसके बावजूद भी धोखे से जमीन हड़प कर रिछावरा परिवार ने दूसरे को बेच दी। शांति बाई गांव की गरीब महिला है‌और पास के गांव बुग्ल्या की बेटी बहु भी है। दोनों गांव के ग्रामीणों से किसान संघर्ष समिति ने शांति बाई के लिए किए जा रहे संघर्ष में समर्थन मांगा। इस पर ग्रामीणों ने पूरा समर्थन किया।

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