मंदसौर में एक पोते ने खेत पर सरिया मारकर कर दी दादी की हत्या, जमीन बेचने से मिले 9 लाख हड़पना चाहता था

 

पैसों के लिए कर दी दादी की हत्या




जमीन से जुड़ी कई कहानियां आपने सुनी होगी और देखी भी होगी लेकिन मंदसौर में हुई यह घटना आप को अचंभित कर देगी क्योंकि मंदसौर में एक लड़के ने जमीन के 9 लाख रूपए हड़पने के लिए खेत पर अपनी दादी की सरिया मारकर हत्या कर दी। नाहरगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पिपलिया कराडिया की एक वृद्ध दादी को उसके पोते ने इसलिए मार दिया क्योंकि उसकी दादी उसे खेत बेचने पर आए हुए पैसे नहीं दे रही थी। उन्हें पैसे को हड़पने के लिए दादी के पोते ने ही उसकी हत्या कर दी और मार कर शव खाई में फेंक दिया। अपनी दादी के शव को खाई में फेंकने के बाद पोते ने 15 - 20 दिन तक किसी को नहीं बताया। इस बीच कई लोगों ने दादी के बारे में पूछा तो उसने कुछ ना कुछ बहाना बना लिया।




शव की बदबू फैलने पर थाने में शिकायत दर्ज कराई



पोते ने दादी के शव को खाई में फेंक दिया और किसी को नहीं बताया लेकिन जब 15 दिनों बाद शव की बदबू आने लगी तो पोते ने ही पुलिस स्टेशन में जाकर लापता की शिकायत दर्ज करवाई और कहा कि उसकी दादी 10 दिनों से मिल नहीं रही है। इस दौरान पुलिस ने उससे पूछताछ की और वह पुलिस की पूछताछ से बच नहीं पाया। एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 अगस्त को नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में नारायणी माता मंदिर के पीछे तालाब की सुखी खाई में 75 वर्षीय चुन्नी बाई पत्नी स्वर्गीय हेमाजी बागरी निवासी पिपलिया कराडिया की क्षत-विक्षत लाश मिली।



लोगों ने पोते और दादी को एक साथ मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा था



उधर खाई में 15 दिनों से बड़ी वृद्धा की लाश बदबू मारने लगी थी और इधर उसके 20 वर्षीय पोते विक्रम पुत्र मांगीलाल बागरी ने 28 अगस्त को सुबह-सुबह जा कर नाहरगढ़ थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि उसकी दादी 1520 दिन पहले घर से बिना बताए चली गई थी और तब से घर नहीं लौटी है। श्रद्धा की पीएम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत सिर पर तेज चोट लगने के कारण हुई है तो थाने पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जब जांच करना शुरू की तो कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हरियाली अमावस्या यानी 8 अगस्त को पोते और दादी को एक साथ मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा था और तब से वह दिख नहीं रही थी।



पुलिस ने विक्रम पर दिखाई सख्ती तो खुल गया हत्या का राज



कुछ लोगों से सबूत मिलने पर पुलिस ने विक्रम बागरी को संदेह के आधार पर थाने में लाकर पूछताछ की। पहले तो इधर-उधर की बातें करता रहा और कुछ समय बाद वह पुलिस को घुमा नहीं पाया। इस दौरान विक्रम ने बताया कि उसकी दादी चुन्नी बाई ने एक जमीन ₹900000 में बेची थी जिसके पैसे वह मुझे नहीं दे रही थी इसलिए उसने हत्या करने का फैसला कर लिया। उसके बाद वह 8 अगस्त को अपनी दादी को मोटरसाइकिल पर बिठाकर नारायणी मंदिर के पीछे बने हुए तालाब पर ले गया और वहां पर उससे अपनी दादी के सिर पर सरिए की मार कर हत्या कर दी और उसके बाद शव को खाई में फेंक दिया।



दादी के पैर से कड़े भी निकाल ले गया पोता



विक्रम को पैसों का इतना लालच आ गया था कि उसने अपनी दादी की हत्या कर दी। हत्या करने के दौरान जब वह दादी को खाई में फेंकने गया तो उसकी नजर दादी के पैरो पर पड़ी जिसमें दादी ने चांदी की कड़ियां पहन रखी थी। आरोपी विक्रम ने वह कड़ी अभी काट कर निकाल ली। दादी की चाबी लेकर उनके घर में पड़े 45500 रुपए भी निकाल ले गया। पुलिस ने इन सभी चीजों को जब तक कर लिया है और आरोपी विक्रम को हिरासत में ले लिया है।


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