मंदसौर मंडी में 12 हजार रूपए तक बिकी लहसुन, कृषि उपज मंडी परिसर में बिछी सफेद चादर

 मंदसौर कृषि उपज मंडी आज के भाव 



अवकाश पर मौसम खुलने के बाद जब मंडी खुली तो उपज की बंपर आवक हुई। तब से मंदसौर कृषि उपज मंडी में लहसुन की जोरदार आवक हो रही है। लहसुन की इतनी आवक हो रही है कि मंडी को देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी ने प्रांगण में सफेद चादर बिछा रखी हो। अभी मंदसौर कृषि उपज मंडी में लहसुन के भाव अच्छे मिल रहे हैं। मंदसौर मंडी में लहसुन 12 से 15 हजार तक बिक रही है जिससे सिर्फ मंदसौर जिले के ही नहीं बल्कि रतलाम, उज्जैन और कोटा क्षेत्र के किसान भी मंदसौर में अपनी लहसुन लेकर आ रहे हैं।



मंडी में अभी भी लग रही है लंबी कतारें



तीन दिनों बाद भी अभी तक मंडी की स्थिति सामान्य नहीं हुई है। 24 सितंबर को मंडी में नीलामी हुई थी और अब 27 सितंबर को मंडी में निलामी की जाएगी। इसके चलते किसानों ने गुरुवार रात से ही नंबर लगाना शुरू कर दिए हैं। मंडी में जल्दी प्रवेश करने के लिए किसानों ने अभी से नंबर लगाना शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार और शनिवार को भी मंडी में लगभग 20,000 से अधिक बोरी लहसुन की आवक रही। इसके अलावा सोयाबीन, मक्का, उड़द, गेहूं, चना, मसूर, धनिया, मेथी,अलसी, सरसों, तारामीरा , प्याज और मटर की भी आवक रही।



व्यवस्था में सुधार की जरूरत है



मंडी प्रशासन ने नीलामी के लिए नए नियम भी बनाए हैं लेकिन वह भी बोने साबित हो रहें हैं। कोरोना महामारी के चलते मंडी प्रशासन में वाहन में ही उपज की नीलामी की व्यवस्था लागू की थी लेकिन अधिक वाहनों की भीड़ होने के कारण प्रशासन ने फिर से ढेर करके नीलामी की व्यवस्था लागू कर दी है लेकिन यह भी बोनी साबित हो रही है।नई व्यवस्था शुरू होने के बाद भी मंडी में वाहनों की भीड़ जैसी की तैसी ही लगी हुई है। मंडी प्रशासन को व्यवस्था में अच्छा सुधार लाने के लिए एक कठोर नियम बनाना पड़ेगा। इसके अलावा वाहनों की भीड़ को दूर करने का कोई तरीका कार्य नहीं कर रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ