एक ही दिन में लोकायुक्त टीम ने मंदसौर में 2 रिश्वतखोर अफसरों को रंगे हाथों पकड़ा, जानिए पूरी खबर




मंदसौर के लोकायुक्त टीम आजकल अपने कार्य पर मन लगाकर काम कर रही है। मंदसौर की लोकायुक्त की टीम ने मंदसौर शहर में कार्यवाही करते हुए एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों पर रिश्वतखोरो को पकड़ा। दोनों रिश्वतखोर 5-5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं। दोनों ही मामलों में लोकायुक्त ने पंचनामा बनाते हुए प्रकरण दर्ज करते हुए कार्यवाही की है। चलिए जानते हैं दोनों रिश्वतखोरों की कहानी।



साढ़े 7 हजार का भुगतान करने के लिए सीएमओ मांग रहा था 5 हजार की रिश्वत



जिले की नगरी के सीएमओ प्रभारी शोभाराम परमार को लोकायुक्त टीम ने अपने घर पर ₹5000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। गर्मी के दिनों में पानी की समस्या के कारण एक किसान के कुए से पानी सप्लाई के लिए लिया था।तब से भुगतान बाकी था। 7500 रूपए का भुगतान करने के लिए परमार ₹5000 की रिश्वत मांग रहा था। इसके बाद किसान ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करवाई और लोकयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए एक दिन किसान को 5000 रूपए देकर परमार के घर भेजा और जब परमार रिश्वत लेने लगा तो टीम ने जाकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।टीम में निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव, आरक्षक शिवकुमार शर्मा, आरक्षक विशाल रेशमिया, आरक्षक अनिल अटोलिया और आरक्षक श्याम सुंदर शर्मा शामिल थे।



शिकायत के निराकरण के लिए मांगे थे 20 हजार, रंगे हाथों पकड़ा



जिले के गरोठ जनपद पंचायत के समन्वयक अधिकारी ओमप्रकाश राठौर को लोकायुक्त टीम ने ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्यवाही लोकायुक्त टीम ने दोपहर के बाद की। गरोठ तहसील के रामनगर में रहने वाले दिनेश कुमार मीणा का गांव बरार्मा में रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत हैं। इनके खिलाफ पिछले दिनों एक झुठी शिकायत दर्ज की गई थी। इसी शिकायत की जांच के लिए जिला पंचायत सीएमओ ने अगस्त में सीईओ को आदेश दिया था।जब ओपी राठौर ने मामले की जांच की तो शिकायत झुठी निकली लेकिन फिर भी ओपी राठौर ने रोजगार सहायक दिनेश मीणा से 20 हजार की मांग रखी। रोजगार सहायक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई और टीम ने 5000 रूपए की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।


आपसे भी अगर कोई सरकारी कार्य के लिए रिश्वत लेता है तो आप लोकायुक्त में शिकायत अवश्य करें।

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