मंदसौर में बेकाबू डेंगू, पहली बार एक साथ 500 से अधिक मरीज सामने आए, नगरपालिका की लापरवाही

Dengue Fever in Mandsaur 2021




जिस प्रकार से देश में कोरोना फैला था उसी प्रकार अब मंदसौर जिले में डेंगू फैल रहा है। धीरे-धीरे जिले में डेंगू बेकाबू होता जा रहा है और रोजाना डेंगू के कई मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं बची है। दिनों दिन मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। डेंगू को रोकने के लिए अभी तक अधिकारियों और प्रशासन ने कोई जिम्मेदारी नहीं बताई है। नगर पालिका की लापरवाही के कारण डेंगू के इतने मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। डेंगू बेकाबू होने के कारण मंदसौर स्वास्थ्य विभाग व नगरपालिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




डेंगू को संभालने के लिए मंदसौर में स्टाफ ही नहीं है




सोचने की बात तो यह है कि जब जिले में डेंगू बेकाबू हो गया और केस 800 पहुंच गए तब जाकर विभाग को पता चला कि उनके पास डेंगू को संभालने के लिए पर्याप्त स्टाफ ही नहीं है। इससे पता चलता है कि मंदसौर स्वास्थ्य विभाग डेंगू से लड़ने के लिए कितनी तैयारियां कर रहा है और उसके लिए कितना जिम्मेदार है। नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआत में ही लापरवाही बरती जिसके कारण आज डेंगू के मामले में मंदसौर जिला सबसे उपर चल रहा है।



मंदसौर शहर में है सबसे अधिक मरीज



वर्तमान में मंदसौर शहर सीतामऊ क्षेत्र में डेंगू के सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं जिसमें से सबसे अधिक मरीज मंदसौर शहर में आ रहे हैं। अकेले मंदसौर शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या 75% है। कीट वैज्ञानिकों ने कलेक्टर और सीएमएचओ से जिले में डेंगू की पूरी जानकारी मांगी है और इसको खत्म कैसे किया जाए यह भी जानकारी मांगी है। उसकी रिपोर्ट भी दी गई लेकिन अभी तक उन जिम्मेदारों पर कार्यवाही नहीं की गई है। जिनके काम करने की कमी के कारण यह जानलेवा बीमारी फैली है।अब जाकर शासन ने नया प्लान बनाया है ,जिससे लग रहा है कि डेंगू को कंट्रोल किया जा सकता है।

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