नाक के बाल होते हैं महत्वपूर्ण, इन्हें नहीं काटे: यहां हमें कई प्रकार की बीमारियों और वायरस से बचाते हैं, इनको हटाने से रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।




आज कल की दुनिया किसी भी चीज को बिना जाने और समझे कर लेते हैं। आज कल की दुनिया में लोग फैशन पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं और दूसरों से अच्छा दिखने के लिए लोग शरीर पर तरह-तरह के नुस्खे अपनाने लगे हैं उसी में एक नुस्खा जो फिलहाल में ट्रेन में चल रहा है कि लोग अपने नाक के बिना सोचे समझे वैक्स करवा रहे हैं। लेकिन उनको पता नहीं है कि इसको करने से उनको कई प्रकार की बिमारियां भी हो सकती है।अभी यह ट्रेंड में चल रहा है कि लोग नाक के बाल वैक्स करवा रहे हैं और जब हम नीचे देखते हैं तो हमारे दिल को एक बार इसको करने की जरर इच्छा होती है और हम इसके फायदे और नुकसान देखे बिना कर लेते हैं लेकिन हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि नाक के बाल वैक्स करने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।



नाक के बाल हवा को फिल्टर करते हैं



हमारे लाख के बालिका सबसे महत्वपूर्ण कार्य उस हवा को फिल्टर करना है जिसे हम शरीर के अंदर लेते हैं। यह बाल हमारे साथ हवा के द्वारा आने वाले बैक्टीरिया और वायरस को वहीं पर रोक लेते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। हमारे देश के एक्सपर्ट और वैज्ञानिक भी यह कहते हैं कि हमारे रेस्पिरेट्री सिस्टम को सही रखने के लिए नाक के बाल जरूरी होते हैं। कई बार आपके नाक में फुंसी हो जाती है यह प्रदूषण और धूल मिट्टी के कारण होती है। आपको पता नहीं होगा कि नाक के अंदर बनी पूरी संरचना केवीटी को रोकने के लिए बनी होती है। नाक के बाल रचना के साथ एक ऐसा सिस्टम बना देते हैं कि कोई भी वायरस या बैक्टीरिया नाक के रास्ते से फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाता है। इसलिए अगर कोई नाक के बाल वैक्स करता है तो वायरस पर बैक्टीरिया को फेफड़ों तक जाने में आसानी हो जाती है।



नाक के बाल अस्थमा की बिमारी का खतरा कम करते हैं



तुर्की की एक रिसर्च टीम ने 2011 में जानकारी देते हुए बताया था कि नाक के बाल अस्थमा की बीमारी का खतरा भी कम कर देते हैं। जिन लोगों के नाक में ज्यादा बाल होते हैं उनके अस्थमा की बीमारी की आशंका कम हो जाती है। हालांकि यार इससे सिर्फ देखकर किया गया था क्योंकि अस्तमा कोई इंफेक्शन नहीं है इसलिए इस पर कोई स्टडी नहीं की गई। वर्ष 2015 में एक स्टडी की गई बताया गया कि नाक के बाल निकालने से नेजल एयर फ्लो में भी बदलाव आता है। नाक के बाल साफ होने पर इस फ्लो में तेजी आ जाती है।



नाक के बालों को हटाना नहीं चाहिए, अपनी भाषा में समझिए



हमारे शरीर की सुरक्षा करने में नाक के बाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं यह भी कई प्रकार की बीमारियों को हमारे शरीर में प्रवेश करने से रोकते हैं। अगर हमारे नाक में अधिक बाल होंगे तो वह नाक के द्वारा शरीर में जाने वाले प्रदूषण और धूल मिट्टी को रोकते हैं जिससे वह फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाती है और अगर हम नाक के बाल को हटा देते हैं तो प्रदूषण और धूल कण आसानी से फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं जिससे हमें कई बीमारियां हो सकती है। इसलिए नाक के बाल को कभी काटना नहीं चाहिए। हमारे नाक से लेकर होठों के दोनों किनारों तक एक त्रिभुज बनता है जो मुंह का सबसे संवेदनशील त्रिभुज होता है। यह हमारे मुंह का सबसे खास हिस्सा होता है। नाक के आसपास मौजूद न से सीधा दिमाग से कनेक्ट होती है इसलिए इनके साथ छेड़छाड़ करने पर हमारे दिमाग पर भी असर पड़ सकता है। मुंह की चमड़ी से इंफेक्शन होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। और अगर आपने त्रिभुज के किसी हिस्से से बाहर निकाला हो और वहां पर इंफेक्शन हो गया हो तो उसे दिमाग तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता है। इसलिए अपने नाक के बालों को निकाले नहीं और बीमारी से बचें।

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