मन्नत हुई पूरी तो मंदसौर के किसान ने सांवलिया सेठ को अर्पित की चांदी की बाइक, बाइक चोरी होने पर नहीं सुन रहीं थी बीमा कंपनी, सेठ जी से लगाई थी गुहार

 



थोड़े दिन पहले मंदसौर के जिले के गांव बाबू खेड़ा के रहने वाले एक किसान की बाइक चोरी हो गई थी। उसके बाद किसान ने रिपोर्ट दर्ज करवाई और बीमा कंपनी को अपनी समस्या बताई लेकिन बीमा कंपनी बाइक का क्लेम देने में आनाकानी कर रही थी। बहुत आवेदन करने के बाद भी कंपनी सुन नहीं रहीं थी। उसके बाद वह राजस्थान स्थित सांवलियाजी मंदिर गया। वहां पर किसान ने सांवलिया सेठ से गुहार लगाकर मन्नत मांगी और उसके बाद वह जैसे ही घर आया उसका क्लेम पास हो गया। क्लेम पास होने के बाद किसान खुशी से छलक उठा और किसान ने अहमदाबाद जाकर सांवलिया जी के लिए विशेष रुप से 74 ग्राम चांदी की बाइक बनवाई और अगले ही दिन सांवलिया सेठ मंदिर जाकर भगवान को अर्पित कर दी।



सांवलिया सेठ ने तुरंत कर दी मन्नत पूरी



अहमदाबाद से बाइक बनवाने के बाद बाबू खेड़ा के रहने वाले किसान लालाराम अपने परिवार के साथ सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचा और वहां जाकर उसने उस चांदी की बाइक को मंदिर ट्रस्ट को भेंट कर दी। इस चांदी की बाइक की कीमत लगभग ₹13000 से अधिक बताई जा रही है। मंदिर के कर्मचारी चतुर सिंह ने बताया कि मंदसौर गांव बाबू खेड़ा के रहने वाले लालाराम की बाइक कुछ महीने पहले चोरी हो गई थी। कई दिनों तक किसान ने प्रयास किया लेकिन बीमा कंपनी क्लेम पास नहीं कर रही थी और बार-बार आनाकानी कर रही थी। उसके बाद वह सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचा और भगवान से मन्नत मांगी। किसान की जब घर जाते हैं मन्नत पूरी हो गई तो उसने 70 ग्राम चांदी की बाइक बनवाई और अपने परिवार के साथ आकर सांवलिया सेठ को अर्पित कर दी।



4 महीने तक बीमा कंपनी से क्लेम के लिए भटकता रहा किसान



श्री सांवलिया सेठ के भक्त लाला राम निवासी बाबू खेड़ा ने बताया कि बाइक चोरी होने के बाद 4 महीनों तक बीमा कंपनी क्लेम पास नहीं कर रही थी। किसान लालाराम भी बार-बार उनके आगे पीछे घूम कर परेशान हो गया था। उसके बाद वह सांवलिया सेठ मंदिर गया और सेठ जी से मन्नत मांगी। जैसे ही किसान का क्लेम पास हो गया उसने तुरंत अहमदाबाद जाकर सांवलिया जी के लिए विशेष बाइक बनवाई है। किसान लालाराम ने बताया कि नहीं बाइक में जितने चांदी की कीमत नहीं है उतनी तो इसमें मजदूरी लगी है। इससे हेड लाइट भी जल सकती है। इस स्पेशल बाइक को अहमदाबाद बनाया गया है। अब भगवान सांवरिया सेठ भी बुलेट पर सवारी करेंगे।








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ