आक्रोश: जनप्रतिनिधि अभी शिवना पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, चुनाव के समय जनता भी नहीं सुनेगी, दोबारा शुरू होगा postcard अभियान

 Shivna Cleaning Mission



सावन का महीना खत्म होने को आया है लेकिन shivna river को स्वच्छ बनाने का इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा है। कई वर्षों से सावन महीना आता है और चला जाता है लेकिन शिवना को स्वच्छ करने का कार्य सिर्फ कागजों में रह जाता है। शिवना को लेकर सामाजिक संगठन एवं निर्मल शिवनाथ जन अभियान के सदस्य अब आक्रोश में आ गए हैं और संगठन के सदस्यों ने फैसला लिया है कि अगले सोमवार से दोबारा postcard abhiyan 2021 शुरू किया जाएगा। इसके तहत सदस्य prime minister,  मुख्यमंत्री और collector तक शिवना को स्वच्छ कराने की मांग रखेंगे।



गंदे नालों को अभी तक नहीं रोक पाया है प्रशासन



हरिशंकर शर्मा ने बताया कि वर्षा के समय Mandsaur जिले में पर्याप्त बारिश हुई है जिससे नदी में भी पानी की अच्छी आवक हुई है और नदी का पानी पूरी तरीके से साफ हो गया है लेकिन 2 महीने बीतने के बाद फिर से shivna नदी की हालत गंदे नालों के मिलने की वजह से पहले जैसी हो जाएगी। जनप्रतिनिधियों के बाद प्रशासन से ही निराकरण की उम्मीद थी लेकिन प्रशासन ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि देश में सब जगह राजनेताओं की सुनी जाएगी। व्यवस्थाओं पर राजनीति भारी पड़ रही है और आम जनता की परेशानी कोई सुनने वाला नहीं बचा है। जनता की समस्या से जवाब दारो का कोई भी मतलब नहीं रह गया है।



शिवना नदी पूरे शहर की प्यास बुझा सकती है/ Shivna river 




हरिशंकर शर्मा ने कहा कि अगर प्रशासन shivna नदी को स्वच्छ करने के लिए मन से कार्य करें तो shivna नदी पर ही एक अच्छी योजना बनाकर पूरे Mandsaur शहर की प्यास आसानी से मुझ सकती है। जब Mandsaur जिले में shivna नदी स्वयं आ रही है तो चंबल से पानी लाने के लिए योजना बनाना एक लापरवाही का काम है। उन्हीं पैसों से शिवना नदी में योजना बनाकर नदी को स्वच्छ किया जा सकता है। चंबल नदी में प्रशासन ने इतने पैसे खर्च कीए है लेकिन फिर भी जनता को इसका लाभ नहीं मिला है। शिवना नदी में नालों की गंदगी रोजाना मिल रही है लेकिन अभी तक एक भी ना ले को नदी से मिलने से रोका नहीं गया है।



Shivna नदी के तट पर कई धार्मिक आयोजन भी होते हैं



Shivna नदी सिर्फ एक नदी ही नहीं है बल्कि यहां पर सावन के महीने में शिवना नदी के तट पर कई प्रकार के धार्मिक आयोजन होते हैं। इसके अलावा भी World famous lord shiva Pashupatinath Mandir  के समीप बहने से shivna नदी करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है लेकिन जवाब दारो की अनदेखी के कारण भक्तों की भावनाओं पर ठेस पहुंच रही है। प्रशासन और जिम्मेदारों को किसी की परेशानी ना तो नजर आ रही है और ना ही समझ में आ रही है। वह अभी सत्ता के नशे में चूर है लेकिन जब उनको वास्तविक स्थिति का पता चलेगा तो पछतावा जरूर होगा।



अब चुनाव के समय जनता भी नहीं सुनेगी 




शिवना शुद्धिकरण को लेकर निर्मल शिवना जन अभियान के सदस्य आने वाले सोमवार से पुनः पोस्टकार्ड अभियान प्रारंभ करेंगे। उनका कहना है कि हम बार-बार शिवना शुद्धिकरण के लिए अभियान चलाते हैं लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं देता है और नजरअंदाज कर देता है। अब आने वाले चुनाव में जनता भी नहीं सुनने वाली है। शासन और प्रशासन लगातार अनदेखी करते जा रहे हैं। शिवना के संबंध में सब चुपचाप बैठे हैं और बाकी सभी कार्यों में वे तेजी से बोल रहे हैं लेकिन जनता इस विषय पर उनका जवाब चाहती है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक चुनाव को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।

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