मंदसौर पौधारोपण: लक्ष्य से आधा भी नहीं हुआ पौधारोपण, ग्रामीण इलाकों में एक लाख पौधे लगाने का था लक्ष्य लेकिन सिर्फ 32 हजार ही लगाए गए

 




देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में लोगों की मौत का कारण आक्सीजन ही थी जो हमें पेड़ पौधों से मिलती है।इसी से सबक लेते हुए मंदसौर में मानसून आने से पहले पौधारोपण अभियान चलाया गया था जिसमें औसत बारिश से पहले एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन जिले में लगभग 80% औसत बारिश हो चुकी है लेकिन गांवो में चल रहा पौधारोपण अभियान में अभी तक आधे पौधे भी नहीं लग पाए हैं। लक्ष्य एक लाख पौधे का रखा गया था लेकिन अभी तक जिले में सिर्फ 32 हजार पौधे ही लग पाए हैं। पौधारोपण में इतनी ढीलाई का कारण पंचायतों के सचिवों द्वारा चल रही हड़ताल है क्योंकि सचिवों की हड़ताल काफी दिनों तक चली और इसी बीच पौधारोपण का कार्य रूका हुआ था और पौधे नहीं लग पाए।



बारिश और पंचायते बंद होने से भी प्रभावित हुआ पौधारोपण का कार्य



पिछले कई दिनों से सचिवों द्वारा हड़ताल जारी थी और इसी कारण पंचायते भी बंद पड़ी थी और उसके बाद जिले में बारिश भी हो गई इसी कारण पौधारोपण नहीं हो पाया और लक्ष्य से आधे पौधे भी नहीं लग पाए। हालांकि अब सचिवों की हड़ताल बंद हो गई है और पौधारोपण में तेजी आ गई है। इसी बर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में नीजी और शासकीय भूमियों पर एक लाख पौधे लगाए जाने है और अभी तक 32600 पौधे ही लगे हैं। दूसरी लहर में लोगों की मौतें देखने के बाद प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों में भी पर्यावरण के प्रति जागृति आई है। प्रशासन के साथ-साथ हम लोग भी पेड़ पौधों की रखवाली करने लगे हैं और उनकी रक्षा करने लगे हैं। जिले में औसत बारिश में से 80% दर्ज हो चुकी है लेकिन पौधारोपण के कार्य में तेजी नहीं आ पा रही हैं।



अब चल रहा है पंचायतों में आवेदन और स्वीकृति का कार्य



जैसे ही प्रदेश में मानसून आया हूं तो शुरुआत में काफी बारिश हुई लेकिन उसके बाद लंबी खेच आ जाने के कारण पौधा करण के कार्य को रोक दिया गया था। काफी दिनों बाद जैसे ही बारिश हुई उधर पंचायत के सचिव ने हड़ताल शुरू कर दी और इसी कारण पौधारोपण का कार्य भी नहीं हो पाया। समय कम होने पर अब पौधारोपण के कार्य में तेजी लाने के लिए पंचायतों में हितग्राहियों के आवेदन लेने और स्वीकृति का कार्य चल रहा है। निजी और शासकीय भूमियों पर मनरेगा के तहत पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे जिले में 100000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है अगर बारिश ऐसे ही चलती रहे तो लक्ष्य पूरा हो जाएगा। लोगों को भी मजा करने के प्रति अब जागरूक होने की जरूरत है। आप भी अपने खेत या घर के बाहर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके बड़ा होने तक देखभाल अवश्य करें ताकि आपकी आने वाली पीढ़ियों को आसानी से ऑक्सीजन मिल सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ