जहरीली शराब कांड में एक और खुलासा: थोड़े थोड़े दिनों में बदल देते थे अवैध शराब बनाने की जगह, वाहन चालकों को नहीं पता होता था ठिकाना

 



जहरीली शराब कांड की जांच के दौरान एक और खुलासा किया गया है कि आरोपी ज्यादा समय तक एक ही स्थान पर अवैध शराब का निर्माण नहीं करते थे और थोड़े थोड़े दिनों में शराब बनाने की जगह बदलते रहते थे जिससे अगर कोई मुख बाजी भी कर देता था तो पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाती थी। इसी के चलते गांव सोहनगढ़ के खेत में स्थित एक मकान में अवैध शराब निर्माण का कार्य चल रहा था। पुलिस ने वहां जाकर आरोपी मोइन खां को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इसकी तलाशी तीन महिने पहले से थी जब नीमच इंदौर हाईवे पर रिंगनोद थाना क्षेत्र के माननखेडा चौराहे के समीप पलटी शराब के वाहन में इसका नाम आया था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10000 का इनाम भी घोषित कर रखा था। यह आरोपी फरार होने के बाद सोहनगढ़ में आकर अवैध शराब निर्माण कर रहा था और उस पलटे वाहन में भी इसी फैक्ट्री की शराब भरी हुई थी।



वाहन चालकों को फैक्ट्री का ठिकाना पता नहीं होता था



एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि अवैध शराब बनाने वाले वाहन चालकों को भी अपना ठिकाना नहीं बताते थे। अवैध शराब फैक्ट्री के ही कुछ लोग फैक्ट्री से कुछ दूर किसी स्थान पर वाहन चालक को रोक लेते थे और वह स्वयं वाहन लेकर फैक्ट्री में जाते थे और वाहन में शराब बर्गर वापस वाहन चालकों को उसी स्थान पर लाकर दे देते थे। इससे चालकों को पता नहीं चलता था कि फैक्ट्री कहां पर स्थित है। अवैध शराब बनाने का ठिकाना थोड़े थोड़े दिनों में बदलता रहता था। प्रदेश की सीमाओं से लगे सुनसान स्थानों पर भी अवैध शराब बनाने की सूचना मिली है और पुलिस इस पर जांच भी कर रही है। अवैध शराब बनाने में जिन जिन अपराधियों का नाम सामने आया है उन पर पहले भी कई केस लग चुके हैं। पुलिस उनकी जांच कर रही है।




मकान का 1 महीने का एक लाख रुपए किराया देते थे




सोहनगढ़ में जिस घर में अवैध शराब बनाई जाती थी उस घर का किराया ₹100000 प्रतिमाह दिया जाता था। मोइन खान ने परिचित अनोखी लाल पाटीदार निवासी सोहनगढ़ को अवैध शराब बनाने के लिए जगह ढूंढने की कहा तो उसने अपने परिचित सुरेश पाटीदार को अपने खेत पर बने मकान में एक लाख रुपए प्रति माह में फैक्ट्री लगाने की बात कही। वहां पर शराब बनाने के लिए सात आठ लोगों को रखा गया था। यह शराब निर्माण करते थे और उसके बाद इसे मंदसौर पहुंचाते थे। मंदसौर के भी कई आरोपियों का नाम सामने आया है जिन्हें तलाशने के लिए प्रशासन ने गुजरात, इंदौर और शाजापुर की टीम को लगा रखा है। धीरे धीरे अवैध शराब बनाने मैं शामिल सभी आरोपियों को पकड़ा जा रहा है और मध्य प्रदेश में बने हुए इस नेटवर्क को पूरी तरीके से समाप्त करने पर कार्यवाही की जा रही है।

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