आखिर बन ही गया मंदसौर में किसान मॉल, 13 करोड़ रूपए की लागत में बनाया गया, 94 दुकानें बढ़ाएगी मंडी की आय

 

Kisan Mall Mandsaur 2021



जिस चीज का किसानों को कब से इंतजार था वह 3 साल के बाद बनकर तैयार हो गया है। मंदसौर शहर के गोल चौराहा क्षेत्र में पुरानी मंडी में करीब करीब 3 साल में 13 करोड़ की लागत में किसान मॉल तैयार हो गया है। हालांकि इसकी दूसरी मंजिल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। किसान मॉल में अभी ऑनलाइन रिसोर्ट और होटल बनाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। यह सारा काम अब दुकानों की नीलामी के बाद आए हुए पैसे से किया जाएगा। दुकानों की नीलामी का मामला 3 साल पहले ही चल गया था लेकिन किसी आपत्ति के कारण दुकानों की नीलामी को रोक दिया गया था। अब दोबारा माल का बचा हुआ कार्य किया जाएगा।



28 अगस्त को हो चुकी है दुकानों की नीलामी



किसान मॉल के सीमेंट कंक्रीट सहित शेड के सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 28 अगस्त को दुकानों की नीलामी भी हो चुकी है। नीलामी के बाद आए हुए पैसों से अब आगे का कार्य शुरू किया जाएगा। किसान मॉल बनने से अब मंडी की आय बढ़ेगी और पिछले 3 सालों से मंडी प्रशासन इसी पर कार्य कर रहा था। किसान मॉल कई समय पहले बन चुका था लेकिन इसमें प्लास्टर और हनी सिंह का कार्य बाकी था इसलिए किसानों को इतना लंबा इंतजार करना पड़ा। इतना ही नहीं इसमें शेर भी बनाया गया है और 94 दुकानें भी मनाई गई है जिसकी नीलामी हो चुकी है। अब जल्द ही यह मॉल शुरू हो जाएगा।



13 करोड़ की लागत में बना, 2018 में आचार संहिता के कारण नीलामी रुकी थी



3 सालों में बनकर तैयार हुआ यह किसान मॉल 13 करोड रुपए की लागत में बना है। आज से लगभग ढाई साल पहले किसान मल्लिका निर्माण शुरू किया गया था जो अब जाकर पूरा हुआ है और अभी भी बहुत सारा कार्य बाकी है। अब दुकानों की नीलामी हो चुकी है। दुकानों की नीलामी वर्ष 2018 दिसंबर में होनी थी लेकिन आचार संहिता के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था। किसान मॉल बनने से किसानों को काफी फायदा होगा क्योंकि अब किसानों को खेती से जुड़ी तरह तरह की सामग्री के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा बल्कि किसानों को एक ही छत के नीचे सभी सामग्रियां आसानी से प्राप्त हो जाएगी। इसके अलावा किसानों को यहां पर ऑनलाइन तकनीकी एवं होटल की सुविधाएं भी दी जाएगी।



इंदौर के बाद दूसरे नंबर पर है मंदसौर मंडी



अगर मंदसौर मंडी की बात की जाए तो इंदौर के बाद सबसे ज्यादा राजस्व एकत्र करने में मंदसौर मंडी का नाम सामने आता है। पिछले वित्तीय वर्ष का आंकड़ा देखा जाए तो राजस्व एकत्र करने के मामले में इंदौर मंडी के बाद मंदसौर मंडी रही थी। मंदसौर मंडी प्रशासन द्वारा मंडी को प्रथम स्थान पर लाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। किसान शॉपिंग मॉल प्रोजेक्ट में मॉल के नीचे वाले हिस्से में लगभग सारा कार्य पूर्ण हो चुका है और दुकानें भी नीलाम हो चुकी है। इसके साथ ही किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों की कृषि से संबंधित सलाह भी मिल सकेगी।

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