शिवना में आया पानी तो चंबल के पंप कर दिए बंद, फिर से लाइन टेस्टिंग की जाएगी, नगर पालिका ने चंबल ठेकेदार को लिखा पत्र

 



मंदसौर ग्रीष्म ऋतु में भयावह जल संकट के दौर में चंबल से एक पंप से ही सही लेकिन पानी शहर को मिला और इसी पानी से जलापूर्ति हुई। अब शिवना में पानी आया तो नगरपालिका फिर से चंबल योजना की टेस्टिंग को पूरी करवा कर इस बार लीकेज और पाइप से लेकर विद्युत लाइन में हुई गड़बड़ियों को सुधार की कवायद तेज कर दी है। ताकि भविष्य में लाइन में गड़बड़ी नहीं हो। इसके लिए नगर पालिका ने ठेकेदार को फिर से टेस्टिंग के लिए निर्देश दिए हैं। और अब दो पंप चले और इसका प्रवाह भी लाइन झेल सके। यह भी सुनिश्चित करने की कहा गया है।



55 करोड़ रुपए की लागत से बनी है चंबल योजना



55 करोड़ के प्रोजेक्ट में 50 किलोमीटर लंबी और इससे भी अधिक बड़ी पाइपलाइन में बार-बार गड़बड़ियां आने पर इस बार खूब किरकिरी हुई थे। अब ऐसे में शिवना में पानी आने से चंबल की फिर से टेस्टिंग शुरू करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मानसून के इस दौर में शिवना मैं पहली बार पानी आया है। जिस दिन शिवना उफान पर आई उस दिन नापा ने काला भाटा बांध के दो गेट खोल दिए थे। पानी का प्रवाह कम हुआ तो नगरपालिका ने काला भाटा बांध के सभी गेट बंद कर दिए। मानसून की कमी के चलते  फिर से पानी की किल्लत ना हो उसके लिए गेट अभी से बंद कर दिए है। शिवना बारिश के बाद फिर से उफान पर आएगी तो गेट खोल दिए जाएंगे।



नगर पालिका ने ठेकेदार को टेस्टिंग के लिए कहा है



शिवना नदी में पानी आने के साथ चंबल के पंप बंद कर दिया है। गर्मी में पानी की कमी के कारण चंबल से पानी लाया जा रहा था। अब चंबल योजना के ठेकेदार को 50 किलोमीटर से अधिक पाइप लाइन की पूरी टेस्टिंग कर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। दो पंप चल सके और कहीं पर लिखे जिया अन्य प्रकार की समस्या नहीं हो इसके लिए ठेकेदार को पूरी टेस्टिंग का काम करना है। फिलहाल काला भाटा बांध के गेट लगा दिए गए हैं और पानी को रोका गया है। वहीं रामघाट बैराज भी वर्तमान में लबालब भरा है। ऐसे में नगरपालिका फिर से साल भर पानी की सप्लाई करने की स्थिति में आ गई है। इसी कारण चंबल के पंप बंद कर ठेकेदार को फिर से लाइन टेस्टिंग करने के लिए कहा है।

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