अद्भुत खगोलीय घटना: पहली बार सौरमंडल के बाहर नजर आए पृथ्वी से बड़े चांद, ग्रह के पास घूम रहा है धूल और गैस का छल्ला

 




वैज्ञानिक नई-नई खोज करने के लिए कई साल बर्बाद कर देते हैं तब जाकर उनको सफलता मिलती है। वैज्ञानिक हर चीज को आगे बढ़ाने और उस पर रिसर्च करने के लिए तकनीक बनाते रहते हैं। इसी के साथ एक खबर आई है कि वैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर एक नए चांद को देखा है। यह चांद एक ग्रह के पास नजर आया है जिसका नाम पीडीएस 70सी ग्रह है। वैज्ञानिकों ने इस चांद को पहली बार देखा है। इस ग्रह की दूरी पृथ्वी से 400 प्रकाश वर्ष है। वैज्ञानिकों द्वारा देखा गया है कि ग्रह के आसपास धूल और गैस का छल्ला बन रहा है इसी छल्ले से नया चांद पैदा हो रहा है।



तकनीकी से इसकी फोटो भी ले ली गई है



ग्रह के आसपास बन रहे छल्ले और नए चांद की फोटो भी ली गई है। फोटो में दिख रहा है कि ग्रह के चारों तरफ नारंगी और लाल कलर का छल्ला दिखाई दे रहा है। उसके अंदर दिशा की तरफ छल्ले के द्वारा चांद बनता हुआ दिखाई दे रहा है। फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनोबल के वैज्ञानिक ने यह खोज की है। यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनोबल के मरियम बेनिस्टी ने कहा कि इससे पहले वैज्ञानिकों ने चांद के निर्माण की प्रक्रिया को कभी नहीं देखा है ऐसी प्रक्रिया हमारे द्वारा पहली बार देखी गई है। अब यह शोध होने के बाद हमारी ग्रह बनने की थ्योरी में और मजबूती आएगी। यह स्टडी एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित हुई है।



बृहस्पति ग्रह से आकार में 2 गुना है पीडीएस 70सी



जिस ग्रह के पास चांद बन रहा है उस ग्रह का आकार बृहस्पति से दोगुना है। इस ग्रह का एक चक्कर लगाने में 227 साल लगते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि नया ग्रह पैदा होने के बाद 1 करोड़ साल के अंदर उनका चक्कर काटने वाला एक छल्ला बनाता है और अब इस ग्रह के छल्ले से ही चांद का आविष्कार हो रहा है। इसे सर्कम प्लैनेटरी डिस्क कहते हैं। यह तभी बनते हैं जब अंदर चांद का निर्माण होता है। इस नए चांद का फोटो चीली के अटाकामा रेगिस्तान में स्थित अल्मा वेधशाला की दूरबीनों से ली गई है। तस्वीर में यहां छल्ला 10 करोड़ मिल के क्षेत्रफल का दिख रहा है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस ग्रह के पास इतना मलबा है कि चंद्रमा जैसे तीन चांद यहां बन सकते हैं।

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