सावधान: अंधविश्वासी प्रथाओं से नहीं, पेड़ लगाने से होंगी बारिश,आने वाला समय भी हो सकता है काफी भयंकर, ऑक्सीजन की कमी भी एक बड़ा संकेत था




अभी बारिश का मौसम आधा होने को आया है लेकिन मध्यप्रदेश में फिलहाल यह स्थिति बनी हुई है कि लोग रोजाना बारिश की उम्मीद लगाकर आसमान की ओर देख रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही है। आसमान में बादल गरजते हैं लेकिन बारिश नहीं होती है। फसलों का जीवन दाव पर लगा हुआ है और ऊपर से धूप किसानों की चिंता बढ़ाती जा रही है। मध्य प्रदेश के कुछ ही हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है और कुछ हिस्सों में सूखा पड़ा है। जिन स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है वहां पर भी सिर्फ फसलों के हिसाब से अच्छी हुई है वरना वहां पर भी आने वाले समय में कुए खाली ही मिलेंगे और कुछ स्थानों पर तो सोयाबीन जमीन में ही खराब हो गई है। दिन पर दिन किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।



बारिश के लिए लोग अपना रहे हैं अलग-अलग प्रथाएं



प्रदेश में बारिश नहीं हो रही है और किसानों की फसलें खराब होती जा रही है। बारिश को बुलाने के लिए किसान अलग-अलग प्रथाएं अपना रहे हैं। कुछ गांवों में लोग खेत पर उज्जैनी मना रहे हैं और दिन भर खेत पर ही रहते हैं और खाना भी वहीं बनाते हैं। कुछ गांवों में बड़े हवन किए जा रहे हैं ताकि देवता खुश हो जाए। कुछ गांवों में लोग खेड़ा बावजी को पूजकर पूरे गांव में उनकी रैली निकाल रहे हैं लेकिन लोगों के इतने प्रयासों के बाद भी बारिश नहीं हो रही है क्योंकि यह प्रथाएं सिर्फ लोगों का अंधविश्वास है। इन प्रक्रियाओं से बारिश नहीं होती है बल्कि पेड़ लगाने से बारिश होती है।



पेड़ लगाने से होगी बारिश, प्रथाओं का सिर्फ प्रकृति के साथ संबंध है



लोग बारिश लाने के लिए जो प्रथाएं अपनाते हैं यह बारिश लाने का कार्य तो नहीं करती है लेकिन यह कह सकते हैं कि इनका प्रकृति के साथ गहरा संबंध है। बारिश पेड़ लगाने से होती है क्योंकि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं और बारिश को आकर्षित करते हैं। पेड़ होने से बारिश सीधे जमीन पर नहीं गिरती है और उसी से भूजल स्तर भी बढ़ता है। कोरोना की दूसरी लहर में बीमारी से ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई थी और यह एक संकेत था कि देश में पेड़ों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है। अगर ऐसे ही पेड़ों की संख्या घटती गई तो आने वाले समय में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और कई सालों तक सूखा भी पड़ सकता है। इसलिए अपनी तरफ से जितने हो सके उतने पेड़ लगाएं और उसकी 2 सालों तक सुरक्षा करें और तब तक उसको अपने परिवार का सदस्य बनाए रखें जब तक वह स्वयं बड़ा होने की ताकत प्राप्त ना कर ले। अपने आसपास के लोगों को भी समझाए कि पेड़ हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह खबर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी शेयर करें।

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