एक और नया वायरस, कोरोना से तो निपटे नहीं और आ गया नोरो वायरस, ब्रिटेन में मिल चुके 154 केस, जानिए कितना खतरनाक है यह वायरस

 




फिलहाल देश कोरोना से लड़ाई लड़ रहा है और अब वह समय आ गया है कि थोड़े समय बाद देश में कोरोनावायरस का नामोनिशान मिट जाएगा। इसके लिए देश में तेजी से वैक्सीनेशन चल रहा है। इसी बीच एक नया खतरा सामने आया है कि नए वायरस  ने दुनिया में दस्तक दे दी है। कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया के सामने नए वायरस ने जन्म ले लिया है। ब्रिटेन में नोरो नाम का नया वायरस सामने आया है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक मई से 26 जुलाई तक नए वायरस से संक्रमित 154 केस सामने आ चुके हैं। यूके ने कोरोना लॉकडाउन प्रतिबंधों में छूट देने का फैसला किया है। नये वायरस के अधिकतर संक्रमित शैक्षणिक संस्थानों से सामने आए हैं। इनमें नर्सरी और चाइल्ड केयर जैसे संस्थान शामिल है।



भारत में भी आ सकता है नोरोवायरस



नोरोवायरस संक्रमण सभी आयु समूहों में आ रहा है। हालांकि इस वायरस का एक भी केस अभी भारत में नहीं आया है लेकिन भारत में अभी कोरोना का कहर भी खत्म नहीं हुआ है। भारत में कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट सामने आ रहे हैं इसलिए संभावना है कि नोरोवायरस को नहीं रोका गया तो यह भारत में भी जल्द आ सकता है। संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स से यह वायरस आसानी से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से तथा संक्रमित खाना या पानी पीने आदि से नोरोवायरस फैल सकता है।



कितना खतरनाक है नोरोवायरस



सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार नोरोवायरस से सभी उम्र के लोग संक्रमित और बीमार हो सकते हैं यह वायरस किसी 1 आयु वर्ग के लिए नहीं है। इस वायरस को स्टमक फ्लू या स्टमक बग भी कहा जाता है। यह वायरस फ्लू से संबंधित नहीं है। यह एक संक्रामक वायरस है जिससे इस वायरस से संक्रमित मरीज को उल्टी दस्त अधिक होती है। इस वायरस को सामान्य तौर पर विंटर वामिटींग बग भी कहा जाता है। हालांकि यह वायरस कोरोनावायरस से अधिक संक्रमित साबित नहीं हुआ है लेकिन फिर भी यहां हमारे लिए खतरनाक हो सकता है।



कैसे कर सकते हैं संक्रमित व्यक्ति की पहचान



अगर नोरोवायरस से संक्रमित व्यक्ति की पहचान करनी है तो सीडीसी के अनुसार संक्रमित व्यक्ति में दस्त उल्टी और जी मिचलाना और पेट दर्द की शिकायत अधिक होती है। इसके अलावा बुखार सिर दर्द और शरीर में दर्द हो सकता है। संक्रमित होने के बाद 12 से 48 घंटों में लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं। संक्रमण के समय बार-बार उल्टी और दस्त की शिकायतें सामने आ सकती है। अगर यह वायरस किसी बच्चे को हो जाता है तो उसमें तेजी से पानी की कमी होने लग जाती है। इस वायरस से बड़ी आयोग के लोगों के मुताबिक बच्चों पर अधिक असर हो सकता है और वायरस बच्चों को गंभीर हालत में पहुंचा सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ