अमृत रूपी बारिश: पहली बार जिले में खेतों से बाहर निकला बारिश का पानी, सोयाबीन को मिला जीवनदान, प्याज की खेती करने वालों को मिली राहत

 




जिले में पिछले डेढ़ महीने से मानसून रूठा हुआ था। मानसून को लाने के लिए लोगों ने तरह-तरह की प्रथाएं भी अपना ली थी लेकिन मानसून आने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ किसानों ने तो जमाना खराब रहने का सोच ही लिया था और कुछ किसानों ने तो बिल्कुल उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन इसी संकट के बीच गुरुवार की रात को जिले में हुई धमाकेदार बारिश ने किसानों के चेहरे पर रोनक ला दी है। मंदसौर शहर सहित जिले के आस पास वाले गांव में पिछले 2 महीनों से बारिश सिर्फ ना के बराबर हो रही थी लेकिन गुरुवार को अचानक जोरदार बारिश हुई और किसानों को राहत दे गई। गुरुवार की दोपहर से शुरू हुई यह बारिश शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे तक चली और पूरे जिले को जलमग्न कर गई।




यह बारिश सोयाबीन के लिए एक जीवनदान साबित हुई



गुरुवार की रात को हुई इस तेज बारिश ने किसानों को तो खुश किया है साथ में यह बारिश सोयाबीन के लिए जीवनदान साबित हुई है। किसानों ने सोचा नहीं था कि गुरुवार दोपहर के बाद मौसम बनेगा और इतनी तेज बारिश हो जाएगी लेकिन रात में बादलों ने किसानों को राहत दे दी। अगर यह बारिश नहीं होती तो सोयाबीन का जिंदा रहना मुश्किल हो गया था क्योंकि सोयाबीन उस स्थिति में पहुंच चुकी थी जहां पर उसको सिर्फ पानी की जरूरत थी। अगर 1 सप्ताह और पानी नहीं आता तो सभी किसानों को सोयाबीन की हकाई करनी पड़ती और कुछ किसानों ने दो अभी भी उम्मीद छोड़ कर कई कर दी थी। किसानों की छुट्टी हुई उम्मीद के बीच इस अमृत रूपी बारिश ने आकर सोयाबीन को एक जीवनदान दे दिया है।



प्याज की खेती वालों को मिली सबसे ज्यादा खुशी



इस अमृत रूपी बारिश के बाद सभी किसानों के चेहरे पर रौनक देखने को तो मिली है लेकिन उन किसानों को सबसे अधिक खुशी हुई होगी जो इस वर्ष प्याज की खेती कर रहे हैं क्योंकि इस बार बताया जा रहा है कि प्याज की कीमत आसमान छू सकती है और महामाया कोटड़ा माताजी ने भी कहा था कि लाल चीज की कीमत अधिक रहेगी। इसलिए किसानों ने इस बार प्याज के लिए अधिक बीज लगाया था और पहले ही बारिश नहीं हो रही थी लेकिन किसानों ने जैसे-तैसे बीज को बड़ा किया और वर्तमान में प्याज बोने का समय आ गया था लेकिन किसान चिंतित थे क्योंकि बारिश के बिना प्याज की खेती करना नामुमकिन है। इतने समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों ने सोच लिया था कि अबकी बार प्याज की खेती भी नहीं हो पाएगी लेकिन गुरुवार को हुई इस बारिश ने प्याज की खेती करने वाले किसानों को खुश कर दिया है।



अब प्रदेश में हो सकती हैं एकसमान बारिश



पहले मध्यप्रदेश में आ रहा सिस्टम अपना रास्ता भटक गया था और वह हरियाणा और उत्तरप्रदेश चला गया था। अभी मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिर से एक समान बारिश हो सकती है क्योंकि अभी बांग्लादेश में फिर से हलचल होना शुरू हो गई है और नया सिस्टम बन रहा है जिससे बारिश हो सकती है। गुरुवार को हुई यहां बारिश भी उसी सिस्टम का एक संकेत है। इसलिए किसानों को अब तनाव मुक्त हो जाना चाहिए और फिर से खेती में मन लगाकर मेहनत करनी चाहिए। किसानों की खोई हुई उम्मीदे बारिश ने लौटा दी है। अब ऐसा लग रहा है कि यह जमाना सही निकलेगा।



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