मशहूर एक्टर दिलीप कुमार नहीं रहे, 21 सालों से चल रहा था इलाज, पार्थिव शरीर हास्पिटल से पाली हिल स्थित बंगले पर लाया गया, 5 बजे जुहू में किया जाएगा सुपुर्द ए खाक

 



बॉलीवुड के दिग्गज  सुपरस्टार माने जाने वाले और देश के लोगों के दिल में राज करने वाले अभिनेता दिलीप कुमार ने बुधवार करीब 7:30 बजे दुनिया को अलविदा कह दिया। अभिनेता दिलीप कुमार की उम्र 98 वर्ष तक चलीअभिनेता दिलीप कुमार देश विदेश में काफी प्रसिद्ध रहे हैं। मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में 21 सालों से उनका इलाज चल रहा था और इसी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। दिलीप कुमार का पार्थिव शरीर पाली हिल स्थित उनके बंगले पर ले जाया गया है। उनका अंतिम संस्कार 5:00 बजे कर दिया गया है। उनके अंतिम संस्कार में सीमित संख्या में लोग शामिल हुए और गाइडलाइन का भी पालन हुआ। पिछले 21 सालों से उनका इलाज चल रहा था और अभी फिलहाल के कुछ दिनों में उनकी तबीयत थोड़ी ज्यादा बिगड़ गई थी। कई बार उनको इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा।


पिछले 1 महीने में तबीयत ज्यादा बिगड़ी हुई थी


उनकी तबीयत पिछले 1 महीने में बहुत बार बिगड़ गई थी जिसने उनको दो बार तो हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। उनका असली नाम मोहम्मद युसूफ खान था। दिलीप कुमार का इलाज डॉक्टर जलील पारकर कर रहे थे जो चाहते थे कि दिलीप कुमार 100 वर्ष की उम्र पार करें। डॉक्टर ने मीडिया के सामने कहा कि दिलीप कुमार उम्र से जुड़ी दिक्कतों का संघर्ष कर रहे थे। इसलिए अभी मौत का कारण पूछना सही नहीं है। दिलीप कुमार सांस की बीमारी से संघर्ष कर रहे थे। डॉक्टर ने यह कहा कि भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। दिलीप कुमार की पत्नी ने भी कहा कि भगवान ने मेरा सहारा छीन लिया है अब मैं उनके बिना कुछ भी नहीं सोच पाऊंगी।


कई फिल्मों में कर चुके हैं कार्य


दिलीप कुमार ने अपने जीवन में कुल 60 फिल्मों में काम किया था। इनका सिर्फ 60 फिल्मों में कार्य करने का मतलब यह नहीं कि इनके पास इतनी फिल्में ही कार्य करने के लिए आई हो बल्कि इन्होंने कई फिल्मों को ठुकरा भी दिया था क्योंकि यह कहते थे कि फिल्में कम हो इससे कोई एतराज नहीं है लेकिन सभी बेहतर होनी चाहिए। उन्हें इस बात का मलाल था कि वह प्यासा और दीवार में काम नहीं कर पाए थे। छोटे से लेकर बुजुर्ग तक सभी उनकी फिल्मों को काफी पसंद करते थे और करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संवेदना की है कि सिनेमा लेजेंड दिलीप कुमार हमेशा याद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलीप कुमार की पत्नी से भी बात करके संवेदना व्यक्त की है। कोरोना के कारण पिछले साल दिलीप कुमार के दो भाइयों का भी देहांत हो गया था।



दिलीप कुमार ने कर रखी थी कई उपलब्धियां हासिल



दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 में हुआ था जो ब्रिटिश इंडिया के पेशावर यानी कि अब पाकिस्तान में हुआ था । दिलीप कुमार की शिक्षा नासिक में पूरी हुई थी। दिलीप कुमार को पढ़ने से ज्यादा फिल्मों में अधिक इंटरेस्ट था और इसीलिए उनकी रूचि होने के कारण इनको अपनी पहली फिल्म बारिश वर्ष की उम्र में ही मिल गई।1944 में उन्होंने फिल्म ज्वार भाटा में काम किया था हालांकि यह फिल्म इतना लोकप्रिय नहीं हुई और इतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।दिलीप कुमार ने अपने जीवन में कई उपलब्धियां हासिल कर रखी थी जिसमें उन्होंने पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवार्ड प्राप्त कर रखे थे। उन्होंने 10 फिल्मों के जरिए 10 बार फिल्म फेयर अवार्ड भी जीते। दिलीप कुमार को तीन नेशनल अवॉर्ड भी मिले।

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