विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन में किया नवाचार, पहली बार मंदसौर में किया जाएगा मूल्यांकन, 3 साल का अध्यापन अनुभव रखने वाले प्राध्यापक जांच सकेंगे उत्तर पुस्तिका

 



देश और प्रदेश में 2 साल से उच्च शिक्षा का परीक्षा कैलेंडर कोरोना के चलते प्रभावित हो रहा है ‌ परीक्षा तो ओपन बुक से हो रही है लेकिन इसके साथ इस बार विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन में भी नवाचार किया है। इसके तहत अब जिले के अग्रणी महाविद्यालय को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यानी जिले के महाविद्यालय में ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा जो सबसे पहले मंदसौर में ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए 3 साल अनुभव रखने वाले प्राध्यापक मूल्यांकन कर सकेंगे लेकिन इनकी सूची विश्वविद्यालय से अप्रूव करवानी होगी। महाविद्यालय में मूल्यांकन के बाद नंबर भी यही से चढ़ाएं जाएंगे। जहां मार्कशीट बन रही है वहां विश्वविद्यालय के आदेश अनुसार दो ऑपरेटरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।


एक कमरे में 60 विद्यार्थियों की कॉपी जमा करने की होगी व्यवस्था


1 महीने तक चलने वाली परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिका जमा कराने का दौर भी चलेगा। महाविद्यालय में को पिया एकत्रित की जाएगी। उत्तर पुस्तिका जमा कराने की व्यवस्था की गई है। एक कमरे में 60 बच्चों की कॉपियां जमा होगी। 1 छात्रों 9 कापी लेकर आएगा। इसलिए ऐसी व्यवस्था की गई है। भीड़ ना हो इसके लिए अलग-अलग कमरों में व्यवस्था की गई है। यहां सैनिटाइज भी कक्षा को किया जा रहा है। यहां आने वाले विद्यार्थियों के लिए मास्क जरूरी रहेगा। बैठने की व्यवस्था भी होगी।


पाध्यापकों की सूची विश्वविद्यालय की अनुशंसा के लिए भेजी गई थी


जिले के अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य सीएलजी जी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पहली बार मूल्यांकन पर नवाचार किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय के तहत अंतर्गत आने वाले जिलों के अग्रणी महाविद्यालय को मूल्यांकन का केंद्र बनाया गया है। जिले के अंतर्गत 3 साल का अध्यापन का अनुभव रखने वाले प्राध्यापकों की सूची विश्वविद्यालय अप्रूवल के लिए भेजी हुई है। नियमित से लेकर जन भागीदारी व अतिथि विद्वान भी इसमें पाज्ञता रखेंगे।वह मूल्यांकन कर सकेंगे। इसके बाद यहां से नंबर विश्वविद्यालय भेजे जाएंगे।


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