मंदसौर: किसानों के सामने खड़ा हुआ बीज संकट, सोयाबीन के उन्नत बीज के भाव आसमान तक पहुंचे, किसानों का क्या कहना है

 



प्रदेश में मानसून आ चुका है और किसान खेत में अपनी तैयारियां करने लगे हैं और कुछ किसानों ने कई दिनों पहले ही तैयारियां शुरू कर दी है। मानसून की आहट के साथ किसान सतर्क हो गए हैं और सोयाबीन की बोवनी की तैयारियां करने में जुट गए हैं। प्रदेश में मानसून ने दस्तक तो देती है लेकिन किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें देखने को मिल रही है। किसानों के सामने बीज का संकट आ गया है और आने वाले समय में किसानों को सोयाबीन का संकट पड़ने के कारण चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। किसानों को इस बात की चिंता है कि अगर वह ऐसा बीज लेना चाहते हैं जो अच्छे से जाएंगे और खराब नहीं होंगे। पिछले साल सोयाबीन अच्छी नहीं होने के कारण सभी के पास ऐसी सोयाबीन है जो उग नहीं सकती इसलिए किसानों को ऐसी सोयाबीन की तलाश है जो अच्छी तरीके से उग जाए।


पिछले 2 वर्षों से किसानों की खरीफ फसलें खराब हो रही है

अगर पिछले 2 सालों का आंकड़ा देखा जाए तो प्रदेश में खरीफ की फसलों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और सभी किसानों की लगभग पूरी तरीके से सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई थी जिसके कारण अब सभी किसानों को सोयाबीन के अच्छे बीज की आवश्यकता है और इतनी बीच किसानों के पास नहीं है और कंपनियों ने भी इतने बीज देने से मना कर दिया है इसलिए किसानों के सामने बीज का संकट पैदा हो गया है। किसानों का कहना है कि खेती में लगातार लागत बढ़ती जा रही है। इससे किसानों को लाभ कम हो रहा है। वहीं इस बार तो सोयाबीन के दाम उच्च स्तर पर है। मंडी में फिलहाल सोयाबीन की कीमत 7000 से 8000 तक चल रही है। वही उगाने लायक सोयाबीन का बीज 9000 तक बिक रहा है। इस स्थिति को देखते हुए पहले से ही नुकसान नजर आ रहा है। किसान इतने महंगे बीज लेने से पहले चिंता कर रहा है कि हर वर्ष जैसे इस बार अगर खरीफ की फसल बर्बाद हो गई तो क्या होगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ