वैक्सीनेशन: मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी को हराने के लिए वैक्सीन का मास्टर स्ट्रोक, एक भी डोज बर्बाद ना जाए, इसकी चिंता करना सबकी जिम्मेदारी


 


अगर कोरोना महामारी से बचना है तो इससे निपटने के लिए टीकाकरण और अनुकूल व्यवहार ही सही उपाय है। उपवास रखकर कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य आग्रह करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मास्टर स्ट्रोक लगाया है। यहां मास्टर स्ट्रोक समाज को यह संदेश देता है कि हम सब सरकार हैं और मध्य प्रदेश में हो रहे हैं टीकाकरण महा अभियान को सफल बनाना हमारी सबकी जिम्मेदारी है। धर्म गुरुओं के साथ समाज के प्रमुख लोगों को लेकर उनको प्रेरक बना कर सरकार व्यवस्थापक की भूमिका में है। जनभागीदारी मंडल द्वारा कोरोना की दूसरी लहर से जंग जीत चुका मध्य प्रदेश अब आपदा से निपटने में समाज की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में आगे बढ़ गया है।


टीकाकरण को लेकर होगी पंचायतों की रैंकिंग


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिना हिचक समाज के सहयोग के महत्व को बार-बार रेखांकित किया। गणमान्य नागरिकों के साथ चर्चा में उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में सब के सहयोग से टीकाकरण का ऐसा मॉडल खड़ा होगा जो दूसरों राज्यों को प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायतों की स्वच्छता की तरह रेकिंग की जाएगी। इसमें जहां पर टीकाकरण का कार्य सबसे पहले पूरा होगा उसे प्रथम स्थान पर रखा जाएगा। प्रथम स्थान पर आने वाले हैं पंचायत को कुछ ना कुछ उपहार स्वरूप भी दिया जाएगा।


प्रदेश के पास नहीं है अब वैक्सीन की कमी


शिवराज सरकार की तरफ से बताया गया कि प्रदेश को अब 50 लाख टीके मिल रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जितने व्यक्तियों को टीके लगने हैं उतने मौजूद रहे। संभागायुक्त से कहा गया है कि मेडिकल कॉलेजों में जो पद रिक्त है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। तीसरी लहर की आशंकाओं से निपटने के लिए आश्वस्त किया गया कि सरकार की ओर से अस्पताल में बिस्तर , बच्चों के लिए वार्ड, ऑक्सीजन सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है। शिवराज सरकार द्वारा टीकाकरण कराने के लिए धर्म गुरुओं को प्रमुखता दी गई है ताकि लोगों का भ्रम दूर हो जाए और टीकाकरण नियमित समय पर पूरा हो जाए।

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