मंदसौर में बड़ा जल संकट, जल संकट से सबक लेकर अब जल स्त्रोतों को संभालने में जुटा अमला, किया जा रहा है तालाबों को सुधारने का कार्य

 



भीषण जल संकट झेल रहा मंदसौर के जल विभाग के अमले की अब नींद उड़ी है। जल संकट से सबक लेकर हालात सुधारने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। जिले में 76 तालाब को सुधारने का कार्य चल रहा है। जिससे बारिश के पानी को सहेज कर रखा जा सके और बाद में पानी की समस्या खड़ी नहीं हो। तालाबों को साफ करने के बाद हालत सुधर जाएंगे और वाटर लेवल भी मेंटेन रहेगा। मंदसौर के यह तालाब साफ हो जाने के बाद जल संकट को टाला जा सकेगा।


जिले के गांवों में भी बड़े तालाबों को सुधारने का कार्य हो रहा है


जिले में सभी पांच गांवों में पंचायतों में मनरेगा के तहत जल संरक्षण के लिए जल स्त्रोतों के रूप में तालाबों की मरम्मत की जा रही है जो पिछले वर्ष बारिश में क्षतिग्रस्त हो चुके थे। जिले में मानसून के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को बढ़ाने और पानी की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए कार्य हो रहे हैं। जिले में वर्ष 2019 में हुई अधिक बारिश से क्षतिग्रस्त हुए तालाबों को सुधार कर जल स्त्रोतों को बारिश से पहले पानी सहेजने के लिए तैयार करने के लिए साथ-साथ स्टॉप डेम,वेस्ट वेयर रिपेयर का काम मनरेगा के तहत किया जा रहा है। जिले के पांच ब्लाकों के गांवों में 76 तालाबों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए जल शक्ति अभियान में खेत, तालाब ,मेड बंधन सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।


जिले में मानसून दस्तक दे चुका है लेकिन अभी सक्रिय नहीं हुआ है


मानसून जिले में दस्तक दे चुका है लेकिन अभी जिले में सक्रिय नहीं हुआ है जिले के कुछ इलाकों में अभी बारिश नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में युद्ध स्तर पर इन दिनों काम चल रहा है ताकि जिले में जल स्त्रोतों में पानी आने के साथ इसे सहेजा जा सके और जल संकट के हाल तो से छुटकारा मिले ऐसे इंतजाम हो सके। तालाबों का सुधार तेजी से चल रहा है ताकि बारिश से पहले तालाब ठीक हो जाए और बारिश में पानी भरने के बाद गांव में पानी की कमी दूर हो साथी भूजल स्तर भी बढे। अधिकारियों के अनुसार अब तक 80% से अधिक तालाबों का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है। कुछ ही दिनों में सभी तालाबों के मरम्मत का कार्य पूरा हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने के बाद यह सभी तालाब पर जाएंगे इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर बेहतर बना रहेगा।


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