सीएम बोले: अगर कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज नही लगवाया तो इसे अपराध माना जाएगा, कार्यवाही भी की जाएगी, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियो पर सख्त निर्देश के आदेश

 



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मंत्री समूह की मैराथन बैठक ली। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वैक्सीनेशन की अनिर्वायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसमें उन्होंने कहा है कि जो भी अधिकारी और कर्मचारी कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगाने से इनकार करेगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसे एक अपराध माना जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के आधार पर एंट्री देना भी तय किया गया है।नगर पंचायत बुढार और नगर परिषद खेतिया में पूर्ण टीकाकरण हो चुका है।13 जिलो की 66 ग्राम पंचायतों में 100% वैक्सीनेशन हो चुका है। सीएम ने निर्देश दिए कि कोविड टीकाकरण के साथ बच्चों को लगने वाले 14 प्रकार के टीकाकरण का अभियान भी चल रहा है।


दुकानों और होटलों में भीड़ कम करने के लिए लागू होगा कूपन सिस्टम


कोरोना काल में दुकानों होटलों और जिन स्थानों पर भीड़ होती है वहां पर प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कूपन सिस्टम अपनाया जाएगा। दुकानों और होटलों से जितने लोग बाहर निकलेंगे,उतने ही नए लोग प्रवेश कर पाएंगे।होटल प्रतिष्ठान 50% फिसदी क्षमता के साथ खोले जाएंगे।कोविड अनुकूल व्यवहार की मंत्री समूह की बैठक में तय किया गया कि घर से निकलने वाले सौ फिसदी लोगों के मुंह पर मास्क जरूर हो।नगरिय निकाय चैकिंग अभियान चलाएंगे। दुकानों, होटलों और प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की जाएगी। सुझाव दिया जाए कि वे खाघ सामग्री की होम डिलेवरी पर जोर दिया जाए।इसके लिए प्रोत्साहन योजना चलाई जाएगी।


45+ वालो के लिए चलाया जाएगा अभियान


शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि उच्च जोखिम वाले लोगों को पहले दोनो डोज लगवाए जाए।दूसरा डोज नही लगवाया एक अपराध के समान माना जाएगा।जो भी व्यक्ति वैक्सीन का दूसरा डोज नही लगाएगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामान्य लोगो को भी दूसरे डोज के लिए चिन्हित करके अनिवार्य रूप से डोज लगाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा पदेश के सीमावर्ती जिलों में टीकाकरण अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाए।45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए विशेष कैंप लाया जाए।सीएम ने यह भी कहा कि जिन दुकानों और संस्थानों ने प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया है उन्हें सम्मानित किया जाएगा। भीड़ वाले क्षेत्र में निगरानी रखने के लिए टावर लगाई जाए। प्रदेश में प्रतिदिन एक लाख तक कोरोना टेस्ट सुनिश्चित किए जाए।

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