कोरोना‌ और ब्लेक फंगस के बाद सामने आई व्हाईट फंगस नाम की नई बिमारी,यह बिमारी कोरोना से भी है खतरनाक, पटना में मिले 4 मरीज

 




पिछले 2 सालों से देश में कोरोना अपना प्रकोप बता रहा है और धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। कोरोना इतना बढ़ गया है कि इसको कंट्रोल करना लगभग असंभव हो रहा है। कोरोना दिन पर दिन बेकाबू होता जा रहा है। देश में प्रतिदीन लाशों के ढेर होते जा रहे हैं। सरकार लगातार कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा नियमित रूप से टीके लगाए जा रहे हैं। लेकिन पता नहीं इस सृष्टि को क्या हो गया है‌ क्योंकि सरकार ने जैसे-तैसे आपदा से निपटने के लिए रास्ते ढूंढ लिए है लेकिन देश में नई बीमारियां जन्म लेती जा रही है। एक तो देश में कोरोना का दूसरा चरण धूम मचा रहा है और ऊपर से एक और बीमारी जिसे सब ब्लैक फंगस के नाम से जानते हैं। इसने भी लोगों की सांसें रोक दी है। उसके बाद भी  बीमारियों को शांति नहीं मिली तो देश में एक और नई बीमारी वाइट फंगस आ गई है।


आज व्हाईट फंगस के 4 केस मिले हैं


अब देश में कोरोना, ब्लैक फंगस और वाइट फंगस तीनों बीमारियां धूम मचाना शुरू कर रही है। आपको विश्वास नहीं हो रहा होगा कि क्या यह बीमारी सच में भी देश में आई होगी। आपको बता दें कि आज देश के पटना में इस नई बीमारी के 4 केस सामने आए हैं। आज वाइट फंगस के 4 केस सामने आए हैं। आपको बता दें कि देश में धीरे धीरे ब्लैक फंगस ने पैर पसारना शुरू कर दिए थे और इसी बीच अचानक बिहार में 4 मरीज वाइट फंगस के सामने आए हैं। इसके बारे में जानकारी PMCH के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डाक्टर एस एन सिंह ने दी है।


डॉक्टर एस एन सिंह ने क्या बताया


उन्होंने बताया कि इन चार मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे थे लेकिन इन चारों को कोरोना की बीमारी नहीं थी। इन चारों मरीजों की जब कोरोनावायरस की जांच की गई तो इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद जब उनका टेस्ट सही तरीके से किया गया तो पता चला कि यह चारों मरीज वाइट फंगस से ग्रसित है।आपको बता दें कि इन चार व्हाईट फंगस के मरीजों में पटना के एक फेमस स्पेशलिस्ट भी शामिल है। डॉक्टर्स की मानें तो ब्लैक संगत से ज्यादा खतरनाक वाइट फंगस की बीमारी बताई जा रही है।


कोरोना से भी खतरनाक है वाइट फंगस की बीमारी


डॉक्टर बता रहे हैं कि वाइट फंगस की बीमारी कोरोना से भी खतरनाक है। वाइट फंगस भी कोरोना की तरह ही इंसान के फेफड़ों को संक्रमित करता है। इसके अलावा इसका डरावना दिखने वाला संक्रमण शरीर के बाकी अंगों को भी पूरे प्रकार से नष्ट कर सकता है जैसे यह नाखून, स्किन, पेट, किडनी , प्राइवेट पार्ट्स और मुंह के अंदर भी फैल सकता है। जो मरीज मिले हैं फिलहाल आपको बता दें कि इन चारों मरीज को स्वस्थ कर दिया गया है। यह चारों मरीज ठीक हो चुके हैं। इन चारों मरीज को एंटी फंगल दवाई दी गई जिससे यह सही हो गए हैं लेकिन अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि नई बीमारी ने अपना संकेत दे दिया है। इस बीमारी से संक्रमित हो जाता है। यह फेफड़ों पर अपना प्रकोप बताती है। इसकी HRCT करवाने पर कोरोना के लक्षण ही दिखाई देते हैं।अगर HRCT करवाने पर लक्षण दिखाई देते हैं तो वाइट फंगस का पता लगाने के लिए बलगम कल्चर की जांच करवाना जरूरी है। यह भी इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण ही होती है। जो लोग डायबिटीज के मरीज है उनको इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

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