ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ सावधानी बरतें,घर में रखा है ऑक्सीजन सिलेंडर तो हो जाइए सावधान, ऑक्सीजन सिलेंडर कर सकता है विस्फोटक।

 


Alert: ऑक्सीजन सिलेंडर को लुढ़का या पटक नहीं सकते। अगर इसके ऊपर लगा वाल्व टूटा तो यह मिसाइल से भी ज्यादा खतरनाक बम बन जाता


• देश में करना नागरिकों के लिए दिन पर दिन समस्या बढ़ा रहा है, इसी बीच एक बड़ी समस्या यह भी बनकर उभरी है कि कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, इसी के चलते कई मरीजों को बहुत ही दर्दनाक मौत से सामना करना पड़ा है। इस वजह से लोग दहशत में हैं। इसके बाद लोगों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर की जमाखोरी शुरू कर दी है। कई लोग घर पर ही ऑक्सीजन लगाकर मरीजों का इलाज करवा रहे हैं। हालांकि, नागरिकों को यह अंदाजा नहीं है कि घर पर ऑक्सीजन रखना कितना खतरनाक हो सकता है,।ऑक्सीजन का सिलेंडर LPG वाले लाल सिलेंडर से बिलकुल भिन्न है। इसको लुढ़काया या पटका नहीं जा सकता। इसलिए लोगों द्वारा यह ध्यान रखा जाना आवश्यक है कि ऑक्सीजन सिलेंडर अगर घर में है तो उसे प्रयोग करना आना चाहिए और उससे बहुत ही सावधानी से प्रयोग किया जाना चाहिए, इसे डॉक्टर की सलाह पर ही प्रयोग में लाना चाहिए, क्योंकि ऑक्सीजन सिलेंडर के ऊपर का वाल्व टूटने पर यह बहुत ही भयानक मिसाइल का रूप ले सकता है। इसीलिए सब को जरूरत है कि इस समय बगैर डॉक्टर की सलाह पर इसका उपयोग घर पर ना करें। वरना यह आपके घर में भयानक तबाही मचा सकता है, संभव है कि इससे कोई जनहानि भी हो जाए।


कैसे काम करता है ऑक्सीजन सिलेंडर


ऑक्सीजन सिलेंडर में ह्यूमेडिफायर होता है। इसमें दो चाबियां होती हैं। एक चाबी से ऑक्सीजन सिलेंडर का मेन टैंक खुलता है और दूसरी चाबी से ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेसर कंट्रोल होता है। नाक में नेजल कैनुला लगाकर या फिर ऑक्सीजन मास्क लगाकर ऑक्सीजन दी जा सकती है। इस दौरान ऑक्सीजन सैचुरेशन 96 से 98 के बीच रहता है तो सब कुछ सामान्य है। अगर ऑक्सीजन सैचुरेशन इससे अलग है तो डॉक्टर से संपर्क करें।


ऑक्सीजन सिलेंडर न हो तो प्रोनिंग करें?


पेट के नीचे तकिया लगाकर पेट के बल सोएं, और गहरी लंबी लंबी सांसे ले। इस पोजीशन में फेफड़ा ज्यादा फैलता है। इससे ऑक्सीजन सैचुरेशन 5 से 7 प्वाइंट तुरंत बढ़ जाती है इस प्रक्रिया को प्रोनिंग कहा जाता है। जिस कमरे में कोरोना के मरीज हैं उस कमरे का पूरी तरह खुला रखें। ताकि, मरीज के खांसने या छिंकने से जो वायरस निकल रहे हैं वह बाहर जाकर नष्ट हो जाए। पीने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। भोजन सादा और ताजा होना चाहिए। अगर बहुत अधिक खांसी नहीं है तो थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज करें। अनुलोम-विलोम, कपालभाति और डीप ब्रीदिंग जैसे योग करें। अगर कुछ पीने का मन करे तो गर्म सूप पियें।

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