मध्यप्रदेश में 17 मई सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन,सख्ती से लागू होगा कोरोना कर्फ्यू,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का ऐलान

 




 गांवों में संक्रमण नहीं रोका, तो हालात काबू से बाहर होंगे*

मध्यप्रदेश में कोरोना अब बड़े शहरों से ज्यादा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पैर पसार रहा है। इसे देखते हुए राज्य में कोरोना कर्फ्यू यानी लॉकडाउन 15 मई तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में पहले से ही वीकेंड लॉकडाउन होने की वजह से लॉकडाउन 17 मई सुबह 6 बजे तक रहेगा। शनिवार (15 मई) और रविवार (16 मई) को लॉकडाउन का स्टैंडिंग ऑर्डर पहले से ही लागू है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'किल कोरोना अभियान पार्ट-2' को हुई वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन करना होगा। गांवों में संक्रमण नहीं रोका गया, तो स्थिति काबू से बाहर हो जाएगी। शादियों को अनुमति के सवाल पर शिवराज ने कहा, 'ऐसी शादी करने का क्या औचित्य है, जिसके कारण अपना और अपनों का जीवन संकट में पड़ जाए।'

*शिवराज बोले- कोरोना कर्फ्यू सख्ती से लागू करें*

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांवों में भी संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में जरा भी ढिलाई की, तो बड़े संकट में फंस जाएंगे। कोरोना कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने का फैसला स्थानीय स्तर पर होगा। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप सबकी सहमति से निर्णय लेगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनििधयों, कांग्रेस, बीजेपी के सदस्यों समेत समाजसेवियों को मिलकर कोरोना से लड़ने के लिए अपने-अपने इलाकों में व्यवस्थाएं करने को कहा। मुख्यमंत्री के ऐलान से पहले ही होशंगाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में 15 मई तक कर्फ्यू का फैसला लिया जा चुका था।

*विधानसभा वार बनेंगे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप*

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विधानसभावार क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनेंगे। इन्हें क्षेत्र के विधायक लीड करेंगे। इसमें एसडीएम, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों को भी शामिल किया जाए। क्षेत्र में भीड़ वाले स्पॉट पर सख्ती की जाए।

*गांवों की जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री-सांसद को*

गांवों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रभारी मंत्री और सांसद जिम्मेदारी लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि SDM, जनपत पंचायत CEO, RAS, सभी राजनीतिक कार्यकर्ता, समाजसेवी, जन अभियान परिषद मिलकर ग्रामीण क्राइसिसम मैनजमेँट गुप बनाएंगे।

*गरीबों को इलाज, CT स्कैन और एंबुलेंस फ्री*

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए कोरोना का इलाज मुफ्त रहेगा। CT स्कैन और एंबुलेंस की सुविधा भी मुफ्त मिलेगी। उन्होंने कहा कि भोपाल से मुख्यमंत्री गांव में कोरोना को नहीं रोक सकता। यह जिम्मेदारी पंचायतों को लेना होगी। उन्होंने कहा कि कई पंचायतों ने अपने स्तर पर जनता कर्फ्यू लगाकर कोरोना को बढ़ने से रोका है।

*मध्य प्रदेश में एक्टिव केस 88 हजार के पार*

बता दें कि मध्यप्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 88,614 पहुंच गई है। हालांकि पॉजिटिविटी रेट घट कर 18.2% हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में 1,782, भोपाल में 1,584, ग्वालियर में 1020 और ग्वालियर में 870 नए संक्रमित मिले है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 6 लाख 37 हजार 404 हो गई है। जबकि स्वस्थ्य हुए मरीजों की संख्या 5 लाख 42 हजार 632 हो गई है।

*सीएम शिवराज के निर्देश*

- जिन गांवों में पॉजिटिव केस हों, वहां मनरेगा के काम 15 मई तक बंद करने होंगे। जहां पॉजिटिव केस नहीं है, वहां मनरेगा के काम जारी रह सकते हैं।

- दूसरों को सुरक्षित करना है, तो पॉजिटिव लोगों को बाकी लोगों से अलग ही रहना पड़ेगा।

- गांव की टीम ही देखें कि आइसोलेशन का पालन ठीक से हो। कोविड केयर सेंटर खाली पड़े हैं। घर में जगह नहीं है तो पंचायत भवन कोविड केयर सेंटर में ले जाएं।

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